भोपाल: मध्य प्रदेश बीजेपी में संगठनात्मक और राजनीतिक समीकरणों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। नए प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब की मौजूदगी में हुई बीजेपी कोर ग्रुप की पहली बैठक में पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा शामिल नहीं हुए। खास बात यह है कि पार्टी की मौजूदा कोर ग्रुप सूची में नरोत्तम मिश्रा का नाम दर्ज है। नरोत्तम मिश्रा ने भी पुष्टि की है कि उन्हें बैठक के संबंध में कोई सूचना या निमंत्रण नहीं मिला था।

बीजेपी की इस अहम बैठक में प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब, सह प्रभारी रेखा वर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर तिवारी समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को छोड़कर कोर ग्रुप के अन्य सदस्य बैठक में मौजूद रहे। बैठक के अंतिम चरण में केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी शामिल हुए।

सूची में नाम, फिर भी नहीं मिली बैठक की जानकारी

बताया जा रहा है कि बीजेपी के मौजूदा कोर ग्रुप में नरोत्तम मिश्रा का नाम 11वें क्रम पर है। इसके बावजूद उन्हें बैठक की जानकारी नहीं दी गई। मीडिया से बातचीत में नरोत्तम मिश्रा ने भी कहा कि उन्हें बैठक के लिए कोई सूचना नहीं मिली थी।

उनकी गैरमौजूदगी के बाद पार्टी के भीतर उनके संगठनात्मक दायित्व और कोर ग्रुप में भूमिका को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, बीजेपी की ओर से फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उन्हें बैठक में क्यों नहीं बुलाया गया।

दतिया चुनाव के बाद बदले सियासी समीकरण

दतिया विधानसभा चुनाव में नरोत्तम मिश्रा की हार के बाद मध्य प्रदेश बीजेपी में उनकी भूमिका को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। अब कोर ग्रुप की बैठक में उनकी गैरमौजूदगी ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है।

हालांकि, केवल एक बैठक में शामिल नहीं किए जाने से उनके राजनीतिक कद या पार्टी में भविष्य की भूमिका को लेकर निश्चित निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पार्टी संगठन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

नरोत्तम मिश्रा की भूमिका पर उठ रहे सवाल

नरोत्तम मिश्रा लंबे समय तक मध्य प्रदेश बीजेपी के प्रमुख चेहरों में रहे हैं और शिवराज सरकार में गृह मंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में दतिया से उनकी हार के बाद उनकी सक्रिय राजनीतिक भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

अब कोर ग्रुप की बैठक से उनकी अनुपस्थिति के बाद यह चर्चा तेज है कि बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे में उनकी भूमिका को लेकर आगे क्या फैसला होता है। सूत्रों के हवाले से उन्हें कोर ग्रुप से बाहर किए जाने की संभावना की चर्चा भी है, लेकिन इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

बीजेपी के लिए आगे की रणनीति अहम

नए प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब के नेतृत्व में हुई पहली कोर ग्रुप बैठक को संगठन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में नरोत्तम मिश्रा को बैठक में आमंत्रण नहीं मिलने को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर चर्चाएं जारी हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि बीजेपी संगठन की आगामी बैठकों में नरोत्तम मिश्रा की भूमिका क्या रहती है और पार्टी इस पूरे घटनाक्रम पर आधिकारिक तौर पर क्या रुख सामने रखती है।