भोपाल: मध्य प्रदेश की सियासत में आदिवासी मतदाताओं की भूमिका अहम मानी जाती है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी ने राहुल गांधी के दौरे पर सवाल उठाते हुए इसे ‘पॉलिटिकल टूरिज्म’ बताया है। वहीं, आदिवासी बहुल इलाकों में राजनीतिक दलों की सक्रियता को आगामी चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

2011 की जनगणना के मुताबिक मध्य प्रदेश की कुल आबादी में अनुसूचित जनजाति समुदाय की हिस्सेदारी 21.1 फीसदी है। राज्य की 230 विधानसभा सीटों में से 47 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। इसके अलावा 37 अन्य विधानसभा सीटों पर भी आदिवासी मतदाताओं का प्रभाव माना जाता है। इस तरह करीब 84 विधानसभा सीटों पर आदिवासी वोट चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।

लोकसभा की 29 सीटों में से 6 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। यही वजह है कि प्रदेश की राजनीति में आदिवासी क्षेत्रों को लेकर बीजेपी और कांग्रेस दोनों की सक्रियता लगातार बनी हुई है।

2018 में कांग्रेस को मिली थी बढ़त

2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित 47 सीटों में से 30 पर जीत दर्ज की थी, जबकि बीजेपी को 16 सीटों पर जीत मिली थी। एक सीट अन्य के खाते में गई थी। राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने में आदिवासी बहुल सीटों के प्रदर्शन की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

2023 में बीजेपी ने की वापसी

2023 के विधानसभा चुनाव में आदिवासी आरक्षित सीटों पर बीजेपी ने अपना प्रदर्शन बेहतर किया। 47 ST सीटों में से बीजेपी ने 24 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को 22 सीटों पर जीत मिली। एक सीट भारत आदिवासी पार्टी के खाते में गई। विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी ने प्रदेश में सरकार बनाई।

राहुल गांधी के दौरे पर सारंग का हमला

राहुल गांधी के मध्य प्रदेश दौरे को लेकर प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस नेता पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी के दौरे को ‘पॉलिटिकल टूरिज्म’ बताया। सारंग ने कहा कि उन्हें राहुल गांधी के मध्य प्रदेश आने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उन्हें ‘विघटन’ की बातें नहीं करनी चाहिए।

‘बिना तथ्यों के संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल’ का आरोप

विश्वास सारंग ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश में हों या विदेश में, वे भारत के मान-सम्मान को नुकसान पहुंचाने और बिना आधार के संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का काम करते हैं। उन्होंने इंदौर की एक पुरानी घटना का भी जिक्र किया और राहुल गांधी पर राजनीतिक मुद्दों को लेकर निशाना साधा।

सारंग ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी राजनीतिक लाभ के लिए संवेदनशील मुद्दों को उठा रहे हैं और बिना तथ्यों के सनसनीखेज दावे किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को मध्य प्रदेश आकर राजनीतिक मुद्दों पर बात करने से पहले तथ्यों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।

आदिवासी क्षेत्रों पर दोनों दलों की नजर

मध्य प्रदेश में आदिवासी मतदाताओं की संख्या और 84 विधानसभा सीटों पर उनके प्रभाव को देखते हुए बीजेपी और कांग्रेस दोनों के लिए यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में राहुल गांधी का दौरा और बीजेपी की प्रतिक्रिया प्रदेश की आदिवासी राजनीति को लेकर दोनों दलों की सक्रियता को दर्शाती है।