भोपाल: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 2 और 3 अक्टूबर को भोपाल प्रवास पर रहेंगे। अपने दौरे के दौरान वे विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। 3 अक्टूबर को भोपाल से डिजिटल माध्यम से उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आधुनिक डेयरी प्लांट का भूमि-पूजन करेंगे। प्रस्तावित प्लांट की शुरुआती दूध प्रसंस्करण क्षमता 3 लाख लीटर प्रतिदिन होगी, जिसे भविष्य में 5 लाख लीटर प्रतिदिन तक बढ़ाया जा सकेगा।

उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में दूध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने और डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ द्वारा यह परियोजना स्थापित की जा रही है। परियोजना की कुल लागत 255 करोड़ रुपये है। इसमें 170 करोड़ रुपये राज्य शासन की ओर से अनुदान के रूप में दिए जाएंगे, जबकि 85 करोड़ रुपये दुग्ध संघ द्वारा ऋण के माध्यम से जुटाए जाएंगे। परियोजना को अगले दो वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

3 लाख लीटर प्रतिदिन से शुरू होगी क्षमता

प्रस्तावित डेयरी प्लांट की शुरुआत 3 लाख लीटर प्रतिदिन दूध प्रसंस्करण क्षमता के साथ होगी। भविष्य में इसे बढ़ाकर 5 लाख लीटर प्रतिदिन तक किया जा सकेगा। इससे उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में उपलब्ध दूध के प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

पैक्ड मिल्क से घी तक होगा उत्पादन

प्लांट में आधुनिक प्रसंस्करण सुविधाओं के साथ कई तरह के डेयरी उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इसमें प्रतिदिन 1.50 लाख लीटर पैक्ड मिल्क, 25 हजार लीटर दही और 10 हजार लीटर लस्सी/छाछ के उत्पादन की क्षमता प्रस्तावित है। इसके अलावा 10 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाला घी प्लांट भी स्थापित किया जाएगा।

दूध उत्पादकों को मिलेगा बेहतर प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन का लाभ

परियोजना का उद्देश्य दुग्ध उत्पादकों से प्राप्त दूध का बेहतर प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन करना है। आधुनिक सुविधाओं के माध्यम से विभिन्न डेयरी उत्पादों के उत्पादन की क्षमता बढ़ेगी। साथ ही उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में डेयरी गतिविधियों के विस्तार से दूध उत्पादन, संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन की पूरी श्रृंखला को मजबूती मिलने की बात परियोजना से जुड़े विवरण में कही गई है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर

नई डेयरी परियोजना से क्षेत्र में डेयरी गतिविधियों के विस्तार और दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता में वृद्धि की योजना है। इसके जरिए उपभोक्ताओं तक विभिन्न डेयरी उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने का लक्ष्य रखा गया है। अमित शाह के भोपाल दौरे में डेयरी, पशुपालन और सहकारिता से जुड़े अन्य कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं।