नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत वाराणसी से वडनगर जा रहे सेवा यात्रियों के दल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने महात्मा गांधी के सामाजिक सुधार कार्यों, प्रयागराज कुंभ के सफाईकर्मियों के योगदान, सेवा की भावना और समाज में सकारात्मक बदलाव की जरूरत पर बात की। ‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है।
केवल वोटबैंक की राजनीति के लिए नहीं, समाज सुधार के लिए करें काम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी ने अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता आंदोलन चलाने के साथ-साथ सामाजिक बुराइयों के खिलाफ भी लगातार काम किया। उन्होंने कहा कि समाज में निरंतर सुधार और सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रयास करते रहना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि सेवा करने वालों का सम्मान होना चाहिए और समाज में सेवा की भावना को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
‘मैंने सोच लिया था, उनके पैर धोकर आशीर्वाद लूंगा’
प्रधानमंत्री ने प्रयागराज में कुंभ के दौरान सफाई व्यवस्था में योगदान देने वाले सफाईकर्मियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन सफाईकर्मियों के प्रयासों से कुंभ की स्वच्छता की चर्चा दुनिया भर में हुई और इससे भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी। पीएम मोदी ने कहा कि इसी भावना के चलते उन्होंने सफाईकर्मियों के पैर धोकर उनका सम्मान किया था। उन्होंने कहा कि जिन्होंने भारत का मान बढ़ाया, उनका सम्मान करना उनके लिए महत्वपूर्ण था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में शहरों और गांवों के बीच का अंतर कम हुआ है और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे में सुधार हुआ है। उन्होंने महिलाओं और बेटियों में बढ़ती आत्मनिर्भरता का भी उल्लेख किया।
‘वडनगर ने संस्कार दिए, काशी ने सेवा के रंग भरे’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वडनगर ने उन्हें जीवन के संस्कार दिए, जबकि काशी ने उनके संस्कारों में सेवा के अनेक रंग भरे। उन्होंने सेवा यात्रियों से कहा कि उनकी यात्रा देशभक्ति, सेवा, संस्कार और संकल्प की भावना को आगे बढ़ाने वाली है। पीएम मोदी ने कहा कि सेवा संकल्प यात्रा इसी भावना का प्रकटीकरण है और सेवा के माध्यम से देश को विकसित बनाने का संकल्प लिया जा रहा है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय को किया याद
प्रधानमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती का भी उल्लेख किया। उन्होंने उनके ‘चरैवति-चरैवति-चरैवति’ के संदेश को याद करते हुए कहा कि निरंतर चलते रहना और सेवा करते रहना ही सेवा यात्रियों का ध्येय होना चाहिए। पीएम मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय से प्रेरणा लेने की बात कही और उनके बताए सात सूत्रों का उल्लेख किया।
ये हैं सात सूत्र
- सेवाभाव
- संतुलन
- संयम
- समन्वय
- सकारात्मकता
- संवेदना
- संवाद
25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर देशभर में स्वच्छता और सामाजिक सेवा से जुड़ी गतिविधियों पर भी जोर दिया जा रहा है।
वडनगर से वाराणसी और काशी से वडनगर तक सेवा यात्रा
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें एक दिन पहले वडनगर से निकले सेवा यात्रियों के दल से संवाद करने का अवसर मिला था। शुक्रवार को उन्होंने काशी से वडनगर जा रहे सेवा यात्रियों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि ये यात्री बाबा विश्वनाथ और मां गंगा का आशीर्वाद लेकर वडनगर में हाटकेश्वर महादेव के दर्शन के लिए जा रहे हैं और रास्ते में सेवा कार्य भी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इसे सेवा और संकल्प की भावना से जुड़ी यात्रा बताया।
