MP Dindori News: डिंडोरी: मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल जिले डिंडोरी में स्कूली और कॉलेज छात्र-छात्राओं का रोजाना सफर किस तरह जान जोखिम में डालकर पूरा हो रहा है, इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में छात्र तूफान वाहन में लटककर और उसकी छत पर बैठकर सफर करते नजर आ रहे हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि Gen Z और Gen Alpha के छात्र सुरक्षित परिवहन के अभाव में अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल-कॉलेज पहुंचने को मजबूर हैं।
सीट फुल होने पर छत और दरवाजे पर लटककर सफर
वायरल वीडियो डिंडोरी नगर से मुड़की मार्ग पर नेवसा, विद्यापुर समेत आसपास के गांवों का बताया जा रहा है। इस मार्ग पर चलने वाले तूफान वाहनों में सीटें फुल होने के बाद छात्र-छात्राएं वाहन के दरवाजे पर लटककर तो कभी छत पर बैठकर सफर करते दिखाई दे रहे हैं। यही नहीं, गांव के कई लोग भी मजबूरी में इसी तरह जोखिम उठाकर अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। छात्रों द्वारा खुद इस जोखिम भरे सफर के वीडियो बनाए जा रहे हैं, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में संचालित यात्री वाहनों की व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
एक चूक और जा सकती है कई लोगों की जान
वाहन में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने के साथ ही छत पर यात्रियों को बैठाकर और दरवाजे पर लटकाकर सफर कराना बेहद खतरनाक है। वाहन चालक की एक छोटी सी चूक या अचानक ब्रेक लगने की स्थिति में कई यात्रियों की जान पर बन सकती है। इसके बावजूद ऐसे वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से चालक बेखौफ नजर आ रहे हैं।
जागरूकता संदेशों के बीच नियमों की उड़ रही धज्जियां
सबसे बड़ा सवाल यातायात विभाग और जिला परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी उठ रहा है। विभाग की ओर से आए दिन सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। बैनर, पोस्टर और अन्य माध्यमों से लोगों को नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है, लेकिन वायरल वीडियो में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई नजर नहीं आने से विभाग की सक्रियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
छात्रों की मजबूरी या सिस्टम की लापरवाही?
डिंडोरी के ग्रामीण इलाकों में स्कूल-कॉलेज तक पहुंचने के लिए पर्याप्त और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था का अभाव छात्रों के लिए बड़ी समस्या बनता जा रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर छात्रों को अपनी जान जोखिम में डालकर सफर क्यों करना पड़ रहा है? वायरल वीडियो ने एक बार फिर प्रशासन के सामने छात्रों की सुरक्षित परिवहन व्यवस्था और ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई की जरूरत को उजागर कर दिया है।
