मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गई हैं। फिल्म पद्मावत में दिखाए गए जौहर के दृश्य को लेकर स्वरा भास्कर की हालिया टिप्पणी पर करणी सेना ने कड़ी आपत्ति जताई है। संगठन की ओर से अभिनेत्री से अपनी भाषा सुधारने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की गई है।

स्वरा भास्कर ने पद्मावत के जौहर वाले दृश्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह के दृश्यों का यौन हिंसा से गुजर चुकी महिलाओं पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। उनके इस बयान के बाद राजपूत समाज और करणी सेना से जुड़े लोगों ने नाराजगी जताई।

करणी सेना महिला विंग ने जताई नाराजगी

करणी सेना महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष कीर्ति राठौड़ ने स्वरा भास्कर की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभिनेत्री को अपनी भाषा पर संयम रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा और राजपूत वीरांगनाओं के बलिदान एवं शौर्य पर आपत्तिजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी। कीर्ति राठौड़ के मुताबिक, जौहर जैसी ऐतिहासिक प्रथाओं को समझने के लिए उस दौर के इतिहास और परिस्थितियों को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी ऐतिहासिक प्रथा पर सवाल उठाना हो तो उसे इतिहास और तथ्यों के आधार पर उठाया जाना चाहिए।

मुंबई करणी सेना अध्यक्ष के बयान से विवाद और बढ़ा

मामले में करणी सेना के मुंबई अध्यक्ष सुरजीत सिंह राठौड़ के कथित बयान से विवाद और बढ़ गया। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने स्वरा भास्कर से सार्वजनिक माफी की मांग की और संगठन के कार्यकर्ताओं से अभिनेत्री के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही। उनके बयान में अभिनेत्री को चेहरा काला करने और घर में घुसकर मारने जैसी धमकी दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, ऐसी धमकी को किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता और कानून हाथ में लेना स्वीकार्य नहीं है।

जौहर के मुद्दे पर फिर छिड़ी बहस

स्वरा भास्कर की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर भी जौहर, इतिहास में महिलाओं की भूमिका और फिल्मों में ऐतिहासिक घटनाओं के चित्रण को लेकर बहस शुरू हो गई है। एक ओर कुछ लोग अभिनेत्री के सवाल का समर्थन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राजपूत समाज और करणी सेना से जुड़े लोग इसे वीरांगनाओं के बलिदान का अपमान बता रहे हैं। फिलहाल विवाद का केंद्र स्वरा भास्कर की टिप्पणी और उसके जवाब में सामने आए करणी सेना से जुड़े पदाधिकारियों के कथित धमकी भरे बयान हैं।