नई दिल्ली। सितंबर की शुरुआत आम लोगों और कारोबारियों के लिए राहत भरी नहीं रही। महीने के पहले ही दिन तेल कंपनियों ने कमर्शियल LPG सिलेंडर और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी। 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में 9.50 रुपये की वृद्धि हुई है, जबकि ATF की कीमत 5.46 प्रतिशत बढ़ाई गई है। हालांकि, घरेलू रसोई गैस के दाम में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
19 किलो कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा
होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलो के कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत 2,738 रुपये से बढ़कर 2,747.50 रुपये हो गई है। वहीं, 5 किलो वाले बाजार कीमत पर मिलने वाले LPG सिलेंडर के दाम भी 762 रुपये से बढ़कर 764 रुपये हो गए हैं। यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है, जब पिछले दो महीनों में कमर्शियल LPG की कीमतों में बड़ी कटौती की गई थी। अगस्त में 19 किलो का सिलेंडर 192 रुपये, जबकि जुलाई में 183.50 रुपये सस्ता हुआ था।
घरेलू गैस के दाम में कोई बदलाव नहीं
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसकी कीमत फिलहाल 942 रुपये बनी हुई है। घरेलू LPG के दाम आखिरी बार 7 जून को 29 रुपये बढ़ाए गए थे। इसके अलावा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।
ATF 5.46% महंगा, एयरलाइंस की बढ़ सकती है लागत
सरकारी तेल कंपनियों के अनुसार, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत में 6.28 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद घरेलू एयरलाइंस के लिए जेट फ्यूल की कीमत बढ़कर 121.28 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इससे पहले 1 अगस्त को भी ATF की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। एयरलाइंस के कुल परिचालन खर्च में ईंधन की बड़ी हिस्सेदारी होती है। ऐसे में लगातार दूसरी बार ATF महंगा होने से विमानन कंपनियों की लागत बढ़ सकती है और आने वाले समय में इसका असर हवाई किरायों पर भी पड़ सकता है।
हर महीने की पहली तारीख को होती है समीक्षा
ATF और LPG की कीमतों की समीक्षा आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को की जाती है। कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के भाव के साथ-साथ विदेशी मुद्रा विनिमय दर जैसे कारकों को ध्यान में रखकर तय की जाती हैं। इसके अलावा अलग-अलग राज्यों में स्थानीय टैक्स और अन्य शुल्क अलग होने के कारण LPG और पेट्रोलियम उत्पादों की अंतिम कीमतों में अंतर देखने को मिल सकता है।
