नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों की अहम बैठक बुधवार को दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में हुई। बैठक में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR और कथित मतदाता सूची संबंधी अनियमितताओं को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की। विपक्षी दल CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग भी उठा रहे हैं।

बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव, सुप्रिया सुले, महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्लाह समेत विभिन्न विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव बैठक में शामिल नहीं हुए और उनकी ओर से प्रतिनिधियों को भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। कुछ अन्य विपक्षी दलों के नेताओं की मौजूदगी को लेकर भी अलग-अलग रिपोर्ट सामने आई हैं।

CEC को हटाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा

बैठक में CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने की रणनीति पर चर्चा हुई। रिपोर्टों के मुताबिक विपक्षी दल दोनों सदनों में इस मुद्दे को उठाने की तैयारी कर रहे हैं।

हालांकि, CEC को हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया संसद में विशेष प्रक्रिया के तहत होती है। 2023 के संबंधित कानून में मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की सेवा शर्तों तथा हटाने से जुड़ी व्यवस्थाएं निर्धारित हैं।

इम्युनिटी कानून को लेकर याचिका की तैयारी

बैठक में 2023 के कानून में चुनाव आयुक्तों को दी गई कानूनी सुरक्षा को लेकर भी चर्चा हुई। विपक्षी नेताओं की ओर से इस प्रावधान को चुनौती देने के लिए अदालत में याचिका दायर करने की बात सामने आई है। संबंधित कानून में CEC और अन्य चुनाव आयुक्तों के लिए संरक्षण से जुड़ा प्रावधान शामिल है।

ममता बनर्जी ने INDIA ब्लॉक विस्तार का सुझाव दिया

बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने INDIA ब्लॉक का दायरा बढ़ाने का सुझाव दिया। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने ओडिशा की बीजू जनता दल (BJD) जैसी पार्टियों से भी बातचीत की संभावना पर जोर दिया। यह प्रस्ताव गठबंधन को व्यापक बनाने की राजनीतिक रणनीति के तौर पर चर्चा में आया।

1 नवंबर को दिल्ली में रैली की तैयारी

विपक्षी गठबंधन की ओर से SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई। रिपोर्टों के मुताबिक 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित करने की योजना है। इसके बाद मुंबई और कोलकाता में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात सामने आई है।

राहुल गांधी ने CEC की कानूनी सुरक्षा पर सवाल उठाया

बैठक के बाद राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार को मिली कानूनी सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को लंबे समय तक कानूनी संरक्षण क्यों दिया गया है। राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों को आगे भी जारी रखने की बात कही।

इस पूरे विवाद के बीच चुनाव आयोग की भूमिका और SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों और प्रक्रिया को लेकर अपना पक्ष रखा गया है, जबकि विपक्षी दल इसे लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।