यमुनानगर। हरियाणा-हिमाचल प्रदेश सीमा से सटे हथनीकुंड बैराज क्षेत्र में सेना की एक्सरसाइज के दौरान यमुना नदी में बड़ा हादसा होने की सूचना है। बाढ़ बचाव की प्रैक्टिस के दौरान सेना की मोटर बोट तेज बहाव की चपेट में आकर पलट गई और नदी में डूब गई। हादसे के बाद एक से दो जवानों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, जवानों की संख्या और पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
बाढ़ बचाव की प्रैक्टिस के दौरान हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हथनीकुंड बैराज क्षेत्र में सेना की वन पैरा स्पेशल फोर्स के जवान अभ्यास कर रहे थे। इसी दौरान मोटर बोट यमुना नदी के तेज बहाव वाले हिस्से में चली गई। बताया जा रहा है कि खतरनाक बहाव के बीच नाव अनियंत्रित होकर पलट गई और पानी में समा गई। हादसे के बाद नाव में सवार कुछ जवान नदी के तेज बहाव में फंस गए। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि कुछ जवान तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।
करीब 600 मीटर तैरकर बाहर निकलने की जानकारी
बताया जा रहा है कि हादसे के बाद तीन जवान करीब 600 मीटर तक तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए। वहीं, एक जवान के तेज बहाव में बहने की सूचना सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में एक से दो जवानों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है।
सेना, पुलिस और SDRF का सर्च ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही सेना के साथ हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। एसडीआरएफ यमुनानगर समेत अन्य रेस्क्यू टीमों को भी नदी में सर्च ऑपरेशन के लिए लगाया गया है। रेस्क्यू टीमों के प्रयास से सेना की डूबी हुई मोटर बोट को पानी से बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि, लापता जवान की तलाश के लिए नदी में अभियान अभी जारी है।
हादसे की वजह और जवानों की संख्या पर स्थिति स्पष्ट नहीं
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मोटर बोट तेज बहाव की चपेट में कैसे आई और हादसे के समय नाव में कुल कितने जवान सवार थे। प्रतापनगर पुलिस ने मामले को देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला बताते हुए विस्तृत जानकारी देने से इनकार किया है। अधिकारियों की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही हादसे में प्रभावित जवानों की सही संख्या और घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
