भोपाल: शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता समेत तीन प्रमुख मांगों को लेकर शिक्षकों का आंदोलन लगातार जारी है। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले भोपाल के नीलम पार्क में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को 7वें दिन में प्रवेश कर गया। आंदोलन में प्रदेश के अलग-अलग संभागों से शिक्षक चरणबद्ध तरीके से शामिल हो रहे हैं।

आंदोलन के तहत अब तक जबलपुर, ग्वालियर-चंबल, रीवा-शहडोल और उज्जैन संभाग के शिक्षक धरना स्थल पर पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठा चुके हैं। शिक्षकों का कहना है कि उनकी समस्याओं का समाधान किए बिना आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।

TET की अनिवार्यता से मुक्ति की मांग

शिक्षकों की प्रमुख मांग है कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से पूरी तरह मुक्त किया जाए। इसके लिए राज्य सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर प्रस्ताव पारित करे और उसे केंद्र सरकार को भेजे।

पहली नियुक्ति से सेवा गणना की मांग

शिक्षकों की दूसरी प्रमुख मांग प्रथम नियुक्ति की तारीख से सेवा अवधि की गणना करने की है। उनका कहना है कि वरिष्ठता का निर्धारण भी पहली नियुक्ति की तारीख से किया जाना चाहिए।

ई-अटेंडेंस को स्वैच्छिक करने की मांग

शिक्षकों ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था को अनिवार्य किए जाने का भी विरोध किया है। उनका कहना है कि शिक्षकों के विभिन्न विभागीय और शासकीय दायित्वों को देखते हुए ई-अटेंडेंस को अनिवार्य करने के बजाय स्वैच्छिक रखा जाना चाहिए।

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा से जुड़े शिक्षकों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक और ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। आंदोलन में आने वाले दिनों में प्रदेश के अन्य संभागों के शिक्षकों के भी शामिल होने की बात कही गई है।