भोपाल। नवरात्रि के दौरान गरबा आयोजनों में गैर-हिंदुओं, खासकर मुस्लिम युवाओं की एंट्री को लेकर मध्यप्रदेश में चल रही बयानबाजी के बीच अब ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी की प्रतिक्रिया सामने आई है। कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने पत्र जारी कर देश, प्रदेश और शहरों के मुस्लिम युवाओं से गरबा जैसे धार्मिक आयोजनों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।
कमेटी ने मध्यप्रदेश के काजियों, मुफ्तियों, उलेमाओं और सामाजिक संगठनों से भी आग्रह किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मुस्लिम युवाओं से गरबा कार्यक्रमों में शामिल नहीं होने की अपील करें। कमेटी का कहना है कि जब बहुसंख्यक समाज के कुछ नेता और लोग मुस्लिम युवाओं की गरबा आयोजनों में भागीदारी का विरोध कर रहे हैं, तो ऐसी स्थिति में युवाओं को खुद इन आयोजनों से दूर रहना चाहिए।
रामेश्वर शर्मा के बयान से शुरू हुई बहस
गरबा में मुस्लिम युवाओं की एंट्री को लेकर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हुई थी। शर्मा ने कहा था कि अगर मुस्लिम युवक गरबा में शामिल होना चाहते हैं तो वे अकेले न आएं, बल्कि अपनी बहन-बेटियों को भी साथ लेकर आएं। उनके इस बयान पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने आपत्ति जताई थी।
उषा ठाकुर ने भी उठाया गैर-हिंदुओं की एंट्री का मुद्दा
पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने भी गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर सवाल उठाते हुए रोक की मांग की थी। उन्होंने दावा किया था कि हर साल बड़ी संख्या में हिंदू लड़कियां गैर-हिंदू युवकों के साथ चली जाती हैं। हालांकि, उनके इस दावे के समर्थन में कोई स्रोत या आंकड़ा सामने नहीं रखा गया था।
आरिफ मसूद ने बयानों पर जताई आपत्ति
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने भाजपा नेताओं के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि मुस्लिम समाज के लोगों का गरबा आयोजनों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने नेताओं से धार्मिक आयोजनों के माहौल को राजनीतिक बयानबाजी से प्रभावित नहीं करने की अपील की थी।
अब मुस्लिम कमेटी ने जारी की अपील
गरबा को लेकर चल रहे विवाद के बीच ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी की अपील ने इस बहस को एक नया मोड़ दिया है। कमेटी ने मुस्लिम युवाओं से कहा है कि वे ऐसे आयोजनों से दूरी बनाए रखें और अपने धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों पर ध्यान दें। साथ ही स्थानीय धार्मिक एवं सामाजिक नेतृत्व से भी युवाओं को इस संबंध में जागरूक करने की अपील की गई है।
