MP Damoh News: दमोह। दमोह जिले के हिंडोरिया थाना क्षेत्र में गुरुवार रात जुआ फड़ पर पुलिस की कार्रवाई के बाद 50 वर्षीय शिव सिंह लोधी की मौत हो गई। घटना के बाद हिंडोरिया स्वास्थ्य केंद्र में परिजनों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस की कथित मारपीट के कारण शिव सिंह की तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हुई। हालांकि, पुलिस की ओर से तत्काल मौत के कारण को लेकर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटना के बाद शुक्रवार को मृतक का पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारण की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
परिजनों ने पुलिस पर मारपीट का लगाया आरोप
शिव सिंह लोधी टिकरी पिपरिया गांव के रहने वाले थे। परिजनों के मुताबिक, उन्हें बांदकपुर और हिंडोरिया पुलिस ने हलगज क्षेत्र में जुआ खेलने के आरोप में पकड़ा था। मृतक के बेटे का आरोप है कि पुलिस हिरासत में उनके पिता के साथ मारपीट की गई और बाद में परिवार को फोन कर उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना दी गई।
परिजनों का कहना है कि जब वे हिंडोरिया स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, तब तक शिव सिंह की मौत हो चुकी थी। परिवार के अनुसार, शिव सिंह पहले से हृदय रोगी थे और उनके दिल में स्टेंट भी लगा हुआ था। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि उनकी मौत बीमारी के कारण नहीं, बल्कि पुलिस कार्रवाई के दौरान लगी चोटों के चलते हुई है।
जुआ फड़ पर पुलिस ने की थी संयुक्त कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार रात हलगज इलाके में जुआ फड़ संचालित होने की सूचना पर बांदकपुर और हिंडोरिया पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की थी। पुलिस के पहुंचते ही मौके पर मौजूद कई लोग वहां से भाग निकले, जबकि शिव सिंह को पुलिस ने पकड़ लिया।
इसके बाद पुलिस उन्हें अपने साथ हिंडोरिया स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची, जहां उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतक के परिजन अस्पताल पहुंच गए। देर रात तक अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बनी रही।
जुआ और अवैध शराब को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी
घटना के बाद ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। लोगों ने इलाके में कथित तौर पर लंबे समय से चल रहे जुआ और अवैध शराब के कारोबार को लेकर भी नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है।
8 पुलिसकर्मी लाइन अटैच
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने शुरुआती कार्रवाई करते हुए 8 पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया है। इनमें एएसआई राजेंद्र मिश्रा, एएसआई रामकुमार सिंह, प्रधान आरक्षक संजय पाठक, वीरेंद्र मिश्रा, अविनाश जाट, देवेंद्र ठाकुर, आरक्षक दीपचंद्र चौधरी और शिवसदन शामिल हैं।
फिलहाल मौत के वास्तविक कारण को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस की ओर से भी इस संबंध में अंतिम कारण नहीं बताया गया है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिव सिंह की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
