Twisha Sharma Case: भोपाल: मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की 12 मई 2026 को भोपाल स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में CBI ने आरोपी पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका का विरोध किया है। दोनों फिलहाल भोपाल सेंट्रल जेल में बंद हैं। हाईप्रोफाइल मामले की जांच CBI कर रही है। जमानत याचिका पर जवाब दाखिल करते हुए CBI ने हाईकोर्ट के समक्ष आशंका जताई कि आरोपियों को जमानत मिलने पर वे सबूतों और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।

CBI ने कहा- जांच प्रभावित करने की आशंका

CBI ने अपने जवाब में आरोप लगाया कि घटना के बाद क्राइम सीन को प्रभावित करने की कोशिश की गई और पुलिस जांच को गलत तरीके से प्रभावित करने का प्रयास हुआ। जांच एजेंसी ने अदालत के समक्ष यह भी कहा कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितियों को देखते हुए आरोपियों को जमानत देने से जांच प्रभावित होने की आशंका है। पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट ने सितंबर में CBI को जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया था।

12 मई को हुई थी ट्विशा की मौत

ट्विशा शर्मा की 12 मई को उनके वैवाहिक घर में मौत हुई थी। मामले में उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह आरोपी हैं। दोनों ने घटना को आत्महत्या बताया था, जबकि ट्विशा के परिजनों ने उनकी मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए और जांच की मांग की थी। इसके बाद मामला CBI को सौंपा गया। CBI ने दोनों को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था और 2 जून से दोनों न्यायिक हिरासत में हैं।

पहले पोस्टमार्टम पर भी उठे थे सवाल

ट्विशा के परिजनों ने भोपाल में हुए पहले पोस्टमार्टम की रिपोर्ट पर आपत्ति जताई थी। बाद में अदालत के आदेश पर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। CBI ने जांच के दौरान दोनों आरोपियों से पूछताछ की और मामले से जुड़े घटनाक्रम की जांच के लिए उनके घर पर क्राइम सीन रिक्रिएशन भी कराया था।

गिरिबाला सिंह की जमानत पहले भी हो चुकी है खारिज

इस मामले में भोपाल की अदालत जुलाई में गिरिबाला सिंह की नियमित जमानत याचिका खारिज कर चुकी है। अदालत ने प्रथम दृष्टया उपलब्ध सामग्री और इस आशंका को ध्यान में रखा था कि रिहाई की स्थिति में साक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं। इसके बाद गिरिबाला सिंह ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया। सितंबर में हाईकोर्ट ने CBI को उनकी जमानत याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया था। अब हाईकोर्ट में CBI के जवाब के बाद जमानत याचिकाओं पर आगे सुनवाई होगी। मामले में आरोप और जांच एजेंसी की आपत्तियां फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं; अंतिम निर्णय अदालत द्वारा लिया जाएगा।