दमोह: हिंडोरिया निवासी सचिन अग्रवाल की निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान हुई मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को अग्रवाल समाज के लोगों और मृतक के परिजनों का आक्रोश सामने आया। बड़ी संख्या में समाजजन और परिजन कलेक्ट्रेट पहुंचे और नारेबाजी करते हुए कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है।

परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही की आशंका जताते हुए ऑपरेशन से लेकर एनेस्थीसिया देने की प्रक्रिया तक सभी पहलुओं की जांच कराने की मांग की है। समाजजनों का कहना है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड, ऑपरेशन से संबंधित दस्तावेज और अन्य जरूरी रिकॉर्ड की जांच आवश्यक है।

21 सितंबर की रात ऑपरेशन के लिए अस्पताल पहुंचे थे सचिन

ज्ञापन के अनुसार सचिन अग्रवाल 21 सितंबर की रात करीब 10 बजे दमोह स्थित निजी विद्या हॉस्पिटल में ऑपरेशन के लिए भर्ती हुए थे। परिजनों के अनुसार ऑपरेशन के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद से ही परिजन और समाजजन मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। परिजनों ने इस बात को लेकर सवाल उठाए हैं कि ऑपरेशन के दौरान किन परिस्थितियों में सचिन की मौत हुई और उन्हें एनेस्थीसिया देने की प्रक्रिया किस तरह पूरी की गई। इसी को देखते हुए उन्होंने पूरे घटनाक्रम की विशेषज्ञ स्तर पर जांच कराने की मांग की है।

एनेस्थीसिया प्रक्रिया और डॉक्टर की योग्यता की जांच की मांग

कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में समाजजनों ने एनेस्थीसिया देने की प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही संबंधित चिकित्सक की योग्यता, आवश्यक अनुमति और ऑपरेशन करने से जुड़े प्रावधानों की भी जांच की मांग रखी गई है। ज्ञापन में ऑपरेशन से संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड, मरीज को दी गई दवाओं और एनेस्थीसिया रिकॉर्ड को भी जांच के दायरे में शामिल करने की मांग की गई है। परिजनों का कहना है कि इन दस्तावेजों की जांच से ऑपरेशन के दौरान हुई घटनाओं की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

 

 

लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग

अग्रवाल समाज और मृतक के परिजनों ने मांग की है कि जांच निष्पक्ष तरीके से कराई जाए। यदि जांच के दौरान किसी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही, प्रक्रिया में कमी या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। समाजजनों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि जांच में किसी प्रकार का दबाव या पक्षपात नहीं होना चाहिए और पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच कर परिजनों को वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाए।

कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश

मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ऑपरेशन थिएटर का सीसीटीवी डाटा सुरक्षित रखने के लिए भी कहा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर घटनाक्रम से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों की जांच की जा सके। कलेक्टर ने परिजनों और समाजजनों को भरोसा दिलाया कि जांच के दौरान यदि किसी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पीएम और विसरा रिपोर्ट के आधार पर भी होगी वैधानिक कार्रवाई

प्रशासन की ओर से पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट को भी जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कलेक्टर ने कहा है कि पीएम एवं विसरा रिपोर्ट के आधार पर भी नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासनिक जांच के निर्देश के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और उपलब्ध मेडिकल दस्तावेजों के आधार पर होने की उम्मीद है। वहीं मृतक के परिजन और अग्रवाल समाज मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय होने का इंतजार कर रहे हैं।

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव