MP Damoh News: दमोह: मध्यप्रदेश के दमोह जिले के हिंडोरिया थाना क्षेत्र की बांदकपुर चौकी अंतर्गत हिनौता गांव में शिव सिंह लोधी की कस्टडी में मौत के बाद शुक्रवार को जमकर बवाल हो गया। सागर में पैनल से पोस्टमार्टम के बाद दोपहर करीब 3 बजे जब शव गांव पहुंचा, तो आक्रोशित परिजन और ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन की टीम पर पथराव कर दिया। पथराव में दमोह एसडीएम सौरभ गंधर्व समेत दो अधिकारी घायल हो गए।

अंतिम संस्कार के लिए गांव में दमोह सीएसपी एचआर पांडे, पथरिया एसडीओपी प्रिया सिंधी समेत पटेरा, हिंडोरिया और देहात थानों का पुलिस बल तैनात किया गया था। शव पहुंचते ही भीड़ अचानक उग्र हो गई और पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव में दमोह एसडीएम सौरभ गंधर्व के पैर में चोट आई। उन्हें तत्काल बांदकपुर स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। वहीं पथरिया टीआई को भी हल्की चोटें आई हैं।

एसडीओपी ने ग्रामीणों के सामने जोड़े हाथ

हंगामे के दौरान पथरिया एसडीओपी प्रिया सिंधी ग्रामीणों के सामने हाथ जोड़कर उन्हें शांत कराने का प्रयास करती नजर आईं। उन्होंने लोगों से कहा कि उनसे गलती हो गई है और वे स्थिति को शांत करने की अपील कर रही थीं। वहीं दमोह सीएसपी एचआर पांडे ने ग्रामीणों से कहा कि पुलिस-प्रशासन उनके दुख में शामिल होने और मामले की जांच के लिए आया है। उन्होंने पुलिस टीम पर पथराव को गलत बताते हुए कहा कि इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद परिजन और ग्रामीण शांत हुए, जिसके बाद मृतक शिव सिंह लोधी का अंतिम संस्कार कराया जा सका।

निष्पक्ष जांच और आर्थिक मदद का आश्वासन

मृतक के परिजनों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। एसपी आनंद कलादगी ने बताया कि परिजनों और ग्रामीणों के साथ सामंजस्य बनाकर अंतिम संस्कार करा दिया गया है। एसपी के मुताबिक, महिलाओं की ओर से कीचड़ और मुरम फेंकने की घटना महज कुछ सेकंड तक हुई। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार को शासन से मिलने वाली आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया गया है।

मामले की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

एक दिन पहले जुआ फड़ पर कार्रवाई के दौरान हुई थी मौत

शिव सिंह लोधी की मौत गुरुवार रात हिंडोरिया थाना क्षेत्र में जुआ फड़ पर पुलिस की कार्रवाई के दौरान हुई थी। पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान लोग मौके से भागने लगे। सर्चिंग के दौरान शिव सिंह उर्फ संतु पिता खिलान सिंह लोधी बेहोशी की हालत में मिले। पुलिसकर्मियों ने उन्हें सीपीआर दिया और तत्काल हिंडोरिया स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

वहीं परिजनों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शिव सिंह को पुलिस कस्टडी में बुरी तरह पीटा गया, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी। परिजनों के मुताबिक, उन्हें फोन कर बताया गया था कि शिव सिंह की तबीयत खराब है, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उनका शव मिला।

बेटे ने कहा- पिता हार्ट के मरीज थे, लेकिन मौत पुलिस की पिटाई से हुई

मृतक के बेटे ने बताया कि उनके पिता हार्ट के मरीज थे और उन्हें स्टंट यानी छल्ले डले हुए थे। हालांकि, परिवार का आरोप है कि उनकी मौत बीमारी से नहीं बल्कि पुलिस की पिटाई से हुई है। पुलिस ने इन आरोपों से अलग अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।

परिजन को फोन कर कहा था- तबीयत खराब है

मृतक के भतीजे जय सिंह लोधी के मुताबिक, गुरुवार रात बांदकपुर एएसआई राजेंद्र मिश्रा का फोन आया था। उन्हें बताया गया कि उनके चाचा की तबीयत खराब है और उन्हें हिंडोरिया अस्पताल ले जाया गया है। उनसे चाचा के कपड़े लाने के लिए भी कहा गया। जय सिंह जब अस्पताल पहुंचे तो शिव सिंह एक हॉल में मृत हालत में मिले। परिजनों के मुताबिक, उन्हें पहले बताया गया था कि शिव सिंह की हालत गंभीर है और इलाज की जरूरत है।

शव पोस्टमार्टम के लिए सागर भेजा गया

घटना के बाद शिव सिंह लोधी के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज भेजा गया। वहां पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद मौत की वजह को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।

आठ पुलिसकर्मी लाइन अटैच

घटना के बाद पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने कार्रवाई के लिए गई पुलिस टीम के आठ कर्मचारियों को लाइन अटैच कर दिया। इनमें एएसआई राजेंद्र मिश्रा, एएसआई रामकुमार सिंह, प्रधान आरक्षक संजय पाठक, वीरेंद्र मिश्रा, अविनाश जाट, देवेंद्र ठाकुर, दीपचंद्र चौधरी और आरक्षक शिवसदन शामिल हैं। बांदकपुर चौकी प्रभारी एएसआई राजेंद्र मिश्रा को भी वहां से हटा दिया गया है।

रात एक बजे तक अस्पताल में चला हंगामा

शिव सिंह की मौत की जानकारी के बाद परिजन और ग्रामीण हिंडोरिया अस्पताल पहुंच गए थे। यहां देर रात तक हंगामे की स्थिति बनी रही। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें ग्रामीण और परिजन पुलिसकर्मियों के खिलाफ नाराजगी जताते दिखाई दिए।

कांग्रेस नेता भी पहुंचे अस्पताल

घटना की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष मानक पटेल और पूर्व विधायक प्रदुम सिंह भी हिंडोरिया अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने एसपी से भी बातचीत की। उन्होंने तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद पुलिस टीम के आठ कर्मचारियों को लाइन अटैच कर दिया गया।

एसपी बोले- जुआ खेलने की सूचना पर पहुंची थी पुलिस

एसपी आनंद कलादगी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 6 बजे हिंडोरिया थाना क्षेत्र के बांदकपुर सहायता केंद्र के हिनौता गांव के पास जुआ खेलने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद हिंडोरिया थाने की टीम कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची। पुलिस टीम के पहुंचते ही वहां अफरा-तफरी मच गई और लोग भागने लगे। सर्चिंग के दौरान शिव सिंह बेहोशी की हालत में मिले। पुलिसकर्मियों ने सीपीआर देकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। एसपी ने बताया कि परिजनों ने शिव सिंह की मेडिकल हिस्ट्री के बारे में जानकारी दी है। उनके मुताबिक शिव सिंह हार्ट के मरीज थे और उन्हें रिंग डली हुई थी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

जांच कमेटी की रिपोर्ट और PM रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई

एसपी ने कहा कि मामले की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की कमेटी बनाई गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच कमेटी की रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।