MP Weather Today: भोपाल: मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के बीच मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। 24 सितंबर को प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार पूर्वी मध्यप्रदेश में आज भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जबकि पश्चिमी मध्यप्रदेश के लिए 24 सितंबर को कोई विशेष चेतावनी नहीं है।
पूर्वी मध्यप्रदेश में आज भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 24 सितंबर को पूर्वी मध्यप्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में पूर्वी हिस्से के जिलों में रहने वाले लोगों को मौसम पर नजर बनाए रखने की सलाह है।
वहीं, पश्चिमी मध्यप्रदेश में 24 सितंबर के लिए कोई विशेष बारिश चेतावनी जारी नहीं की गई है। इंदौर के लिए भी IMD के स्थानीय पूर्वानुमान में 24 सितंबर को मुख्यतः साफ मौसम और किसी विशेष चेतावनी का उल्लेख नहीं है।
25 और 26 सितंबर को पश्चिमी MP में बढ़ेगी बारिश
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 25 और 26 सितंबर को पश्चिमी मध्यप्रदेश में भारी बारिश की संभावना है। यानी आज जहां पूर्वी हिस्से बारिश से प्रभावित हो सकते हैं, वहीं अगले दो दिनों में पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।इस दौरान स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ बारिश की स्थिति बन सकती है। लोगों को बारिश के दौरान खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की जरूरत है।
27 सितंबर को पूर्वी MP में फिर बारिश
27 सितंबर को पूर्वी मध्यप्रदेश में एक बार फिर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार इस दिन पश्चिमी मध्यप्रदेश के लिए कोई विशेष चेतावनी नहीं है, जबकि पूर्वी हिस्से में भारी बारिश हो सकती है।
इंदौर में कैसा रहेगा मौसम?
IMD के इंदौर स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार 24 सितंबर को शहर में मुख्यतः साफ आसमान रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है। 24 सितंबर के लिए इंदौर में कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।
किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
बारिश के इस बदलते दौर में किसानों को खेतों में काम करते समय स्थानीय मौसम की जानकारी पर नजर रखनी चाहिए। गरज-चमक के दौरान खुले खेतों में रहने से बचना बेहतर है। वहीं, बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों और नदी-नालों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
