MP Weather News: भोपाल: मध्यप्रदेश में मानसून अब विदाई की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 1 अक्टूबर से पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने और मौसम के अपेक्षाकृत शुष्क होने की संभावना है। वहीं पूर्वी मध्यप्रदेश में 2 अक्टूबर से मौसम के शुष्क होने का अनुमान है।
हालांकि मानसून की गतिविधियां पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। IMD के अनुसार पूर्वी मध्यप्रदेश में 30 सितंबर से 3 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश की संभावना 30 सितंबर के आसपास अधिक रही, जबकि इसके बाद गतिविधियां कमजोर होने का अनुमान है।
1 अक्टूबर से पश्चिमी MP में मौसम रहेगा शुष्क
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 1 अक्टूबर से पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने लगेगी। इसके बाद कई इलाकों में आसमान साफ रहने और मौसम शुष्क होने की स्थिति बन सकती है। वहीं पूर्वी मध्यप्रदेश में 2 अक्टूबर से बारिश में और कमी आने का अनुमान है।
मानसून की विदाई का काउंटडाउन शुरू
मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई का दौर शुरू हो चुका है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक इस मानसून सीजन में प्रदेश में औसतन 907.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बताई गई है। पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश की कमी अधिक रही है।
अगले दिनों में बढ़ेगी सुबह-शाम की ठंडक
बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ ही प्रदेश में मौसम के मिजाज में बदलाव देखने को मिल सकता है। दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी और बारिश के बाद रात तथा सुबह के समय हल्की ठंडक महसूस होने की संभावना है। मानसून की विदाई के बाद प्रदेश में मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने लगेगा।
किसानों के लिए मौसम में बदलाव अहम
बारिश का दौर कमजोर होने के साथ खेती-किसानी पर भी इसका असर पड़ेगा। जिन इलाकों में अभी बारिश की जरूरत है, वहां अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियों में कमी चिंता का विषय हो सकती है। वहीं लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में मौसम खुलने से खेतों में रुके काम दोबारा शुरू होने की संभावना है।
IMD की नजर पूर्वी मध्यप्रदेश पर
1 से 3 अक्टूबर के बीच पूर्वी मध्यप्रदेश में छिटपुट बारिश की संभावना को देखते हुए स्थानीय स्तर पर मौसम अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में बारिश का प्रभाव अब क्षेत्रवार अलग-अलग रहेगा और मानसून की विदाई के साथ धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में शुष्क मौसम का असर बढ़ेगा।
