MP Weather News Today: भोपाल: मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई का दौर शुरू होने के बीच मौसम का मिजाज अभी पूरी तरह साफ नहीं हुआ है। 5 अक्टूबर को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, लेकिन पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश या गरज-चमक की गतिविधियां हो सकती हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर में हल्की बारिश के आसार हैं।

पूर्वी MP के 9 जिलों में बारिश की संभावना

5 अक्टूबर को पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर में हल्की बारिश हो सकती है। बाकी जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम में यह बदलाव मानसून की वापसी और पूर्वी हिस्सों में बनी मौसमी परिस्थितियों से जुड़ा है।

भोपाल समेत पश्चिमी हिस्से में मौसम शुष्क

भोपाल समेत पश्चिमी मध्यप्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में 5 अक्टूबर को बारिश की संभावना कम है। भोपाल में आसमान साफ रहने और अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान करीब 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

दिन में गर्मी, रात में बढ़ेगी हल्की ठंडक

अक्टूबर की शुरुआत के साथ प्रदेश में दिन के तापमान में बढ़ोतरी और रात के तापमान में गिरावट का दौर देखने को मिल रहा है। कई शहरों में सुबह और रात के समय हल्की ठंडक महसूस होने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की वापसी के बाद आसमान साफ होने से दिन गर्म और रात अपेक्षाकृत ठंडी होने का ट्रेंड बढ़ सकता है।

10 अक्टूबर तक मानसून की पूरी विदाई संभव

मध्यप्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी तरह वापसी में अभी कुछ समय लग सकता है। मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार पहले ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग, इसके बाद इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभागों से मानसून की वापसी होने की संभावना जताई गई है। राज्य से मानसून की विदाई करीब 10 अक्टूबर तक पूरी होने का अनुमान है।

6 अक्टूबर से पूर्वी MP में फिर बढ़ सकती है गतिविधि

5 अक्टूबर तक पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों के लिए कोई बड़ी मौसम चेतावनी नहीं बताई गई है। हालांकि 6 अक्टूबर से पूर्वी मध्यप्रदेश में गरज-चमक, बिजली और तेज हवा जैसी गतिविधियां बढ़ने का पूर्वानुमान है। पश्चिमी मध्यप्रदेश में इस अवधि में भी मौसम अपेक्षाकृत शांत रहने की संभावना है।

किसानों के लिए मौसम अहम

मानसून विदाई के इस दौर में किसानों को फसल कटाई और खेतों से जुड़ी गतिविधियों की योजना बनाते समय स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है। खासकर पूर्वी जिलों में हल्की बारिश की संभावना को देखते हुए खुले में रखी उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने में सावधानी बरतना बेहतर रहेगा।