उज्जैन: उज्जैन-देवास रोड स्थित श्री गंगा होटल में चैंबर की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। चैंबर में एक के बाद एक चार लोग फंस गए, जिससे उनकी मौत हो गई। उन्हें बचाने के लिए अंदर उतरे दो अन्य लोगों की भी तबीयत बिगड़ गई। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।
सफाई के दौरान चैंबर में फंसे चार लोग
घटना रात के समय हुई। होटल का ओवरग्राउंड चैंबर साफ करने के लिए चार लोग अंदर उतरे थे। इसी दौरान वे चैंबर में फंस गए। सूचना मिलने पर माधव नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू शुरू किया। मृतकों की पहचान कमलेश तंबोली, नितिन वाहिद, मनोज मीणा और वाहिद के रूप में हुई है।
कटर मशीन से काटना पड़ा चैंबर का गेट
चैंबर का गेट खोलने में परेशानी आने पर थाना प्रभारी गजेंद्र पचोरिया ने पास में चल रहे निर्माण कार्य से कटर मशीन मंगवाई। इसकी मदद से गेट काटा गया। चैंबर के फर्श पर काफी फिसलन थी, जिसके कारण बचाव कार्य में भी परेशानी आई।
करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद चारों को बाहर निकाला गया। पुलिसकर्मियों ने उन्हें दो मिनट से ज्यादा समय तक CPR दिया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। चारों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए गए हैं।
बचाने पहुंचे दो लोगों की भी बिगड़ी तबीयत
चार लोगों के फंसने के बाद हेमराज नाम का पांचवां सफाईकर्मी भी चैंबर में गया था। उसे घबराहट और बेहोशी महसूस होने लगी, जिसके बाद वह बाहर आ गया। वहीं, चारों को बचाने के लिए चैंबर में उतरे दो अन्य लोगों की भी तबीयत बिगड़ गई। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रेस्क्यू के दौरान एक सब-इंस्पेक्टर भी घायल हुआ है।
मौके पर पहुंचे एसपी, अस्पताल में पोस्टमॉर्टम
घटना की जानकारी मिलने पर एसपी शर्मा भी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू टीम को जरूरी निर्देश दिए। अस्पताल में मृतकों के शवों का पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। परिजन शव मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख, 4-4 लाख की सहायता के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि चैंबर की सफाई के दौरान चार लोगों की मौत का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। साथ ही राज्य शासन की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजन को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।
