लखनऊ: लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि अब भारत में दो कानून नहीं चलेंगे। एक देश में एक प्रधान, एक विधान और एक निशान ही चलेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता को खतरा तब होता है, जब लोग जाति और क्षेत्र के नाम पर बंट जाते हैं। जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाषावाद जैसी बीमारियां समाज की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करती हैं। उन्होंने कहा कि लौहपुरुष पटेल का अनुयायी वही हो सकता है, जिसके मन में राष्ट्रवाद का भाव हो।
सीएम योगी ने सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे भारत माता के महान सपूत और प्रखर राष्ट्रवादी नेतृत्वकर्ता थे। उन्होंने 563 से अधिक रियासतों को भारतीय गणराज्य का हिस्सा बनाया था। योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए गुजरात के केवड़िया में नर्मदा नदी के तट पर दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा स्थापित कराई है। यह प्रतिमा सरदार पटेल के विराट व्यक्तित्व का प्रतिनिधित्व करती है।
जूनागढ़ और हैदराबाद रियासतों का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने आजादी के समय जूनागढ़ और हैदराबाद रियासतों का जिक्र करते हुए कहा कि इन दोनों रियासतों ने भारत में शामिल होने को लेकर आनाकानी की थी। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने जूनागढ़ के नवाब को चेतावनी दी थी, जिसके बाद वह अपने बच्चों को छोड़कर पाकिस्तान भाग गया। वहीं, हैदराबाद के निजाम को भी सरदार पटेल की कार्रवाई के बाद पीछे हटना पड़ा। योगी ने कहा कि आज ये दोनों रियासतें भारत का हिस्सा हैं।
कश्मीर को लेकर जवाहरलाल नेहरू पर साधा निशाना
सीएम योगी ने कश्मीर के मुद्दे पर देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की नीतियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कश्मीर को नेहरू ने अपने पास रखा था, लेकिन कबाइली हमले के बाद पाक अधिकृत कश्मीर आज भी पाकिस्तान के कब्जे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेहरू ने कश्मीर में धारा 370 लागू की थी, जिसका डॉ. भीमराव अंबेडकर विरोध कर रहे थे।
योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने धारा 370 को समाप्त किया और कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों के समान संवैधानिक व्यवस्था में शामिल किया।
‘भारत में अब दो कानून नहीं चलेंगे’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब भारत में दो कानून नहीं चलेंगे। एक देश में एक प्रधान, एक विधान और एक निशान ही चलेगा। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सपना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में साकार हुआ है। उन्होंने इस दिशा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका का भी उल्लेख किया।
‘जिन्ना को आदर्श मानने वाले पटेल के अनुयायी नहीं हो सकते’
सीएम योगी ने कहा कि जो लोग मोहम्मद अली जिन्ना को अपना आदर्श मानते हैं, वे सरदार वल्लभभाई पटेल के अनुयायी नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि पटेल का सच्चा अनुयायी वही है, जिसके मन में राष्ट्रवाद का भाव हो और जो भारत की एकता, सुरक्षा तथा संप्रभुता को सर्वोपरि रखता हो।
जातिवाद और क्षेत्रवाद से कमजोर होती है राष्ट्रीय एकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय एकता को सबसे बड़ा खतरा तब होता है, जब समाज जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बंट जाता है। जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाषावाद जैसी समस्याएं समाज की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करती हैं। उन्होंने कहा कि भारत की एकता और अखंडता को चुनौती देने वाले प्रयासों का सभी को मिलकर मुकाबला करना होगा। यही सरदार वल्लभभाई पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
