भोपाल: दीपावली के त्योहार को देखते हुए भोपाल जिला प्रशासन ने पटाखों के अवैध निर्माण और बारूद के खतरनाक तरीके से भंडारण के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में बैरसिया के बांदीखेड़ी गांव में संचालित एक पटाखा फैक्ट्री पर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने अचानक छापा मारा। जांच के दौरान फैक्ट्री में कई अनियमितताएं मिलीं। लाइसेंस में निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में बारूद मिलने और सुरक्षा इंतजामों में कमी पाए जाने के बाद अधिकारियों ने फैक्ट्री को मौके पर ही सील कर दिया।
लाइसेंस की सीमा से ज्यादा मिला बारूद
प्रशासन को सूचना मिली थी कि बांदीखेड़ी स्थित पटाखा फैक्ट्री में लाइसेंस में निर्धारित मात्रा से अधिक पटाखे और बारूद का भंडारण किया गया है। सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान अनुमति से अधिक बारूद पाए जाने की बात सामने आई।
अधिकारियों के मुताबिक, इतनी बड़ी मात्रा में बारूद का भंडारण आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता था। इसे देखते हुए टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री को सील कर दिया।
एसडीएम-एसडीओपी की अगुवाई में कार्रवाई
कार्रवाई बैरसिया एसडीएम शिवांगी बघेल, एसडीओपी वैशाली सिंह, तहसीलदार दुर्गा पटले और गुनगा थाना प्रभारी रिंकू जाटव की अगुवाई में की गई। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने फैक्ट्री में पहुंचकर दस्तावेजों और वहां रखे पटाखों व बारूद की जांच की। प्रशासन को पहले से मिली सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में फैक्ट्री में नियमों के उल्लंघन की स्थिति सामने आई।
आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं मिले
जांच के दौरान फैक्ट्री में तय सीमा से ज्यादा बारूद मिलने के साथ ही आग बुझाने के जरूरी सुरक्षा इंतजाम भी पर्याप्त नहीं पाए गए। अधिकारियों ने इसे विस्फोटक सामग्री के भंडारण से जुड़े सुरक्षा नियमों का उल्लंघन माना। जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने फैक्ट्री को सील कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि पटाखा निर्माण और भंडारण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
दीपावली से पहले जिलेभर में जारी रहेगी चेकिंग
दीपावली के मद्देनजर प्रशासन ने पटाखा फैक्ट्रियों, दुकानों और गोदामों की जांच तेज करने की बात कही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने या तय सीमा से अधिक पटाखे और बारूद रखने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में जिले के अन्य इलाकों में भी पटाखों के निर्माण, भंडारण और बिक्री से जुड़े प्रतिष्ठानों की जांच जारी रहने की संभावना है।
