इंदौर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय बैठक बुधवार को इंदौर में संपन्न हो गई। डेली कॉलेज में 2 नवंबर से चल रही इस बैठक में देशभर से करीब 400 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक के समापन के बाद संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने पत्रकारों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने आरक्षण, मंदिरों से जुड़े न्यायिक मामलों, संगठन विस्तार, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), संघ के पंजीयन, युवाओं में नशे की समस्या और मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल सहित कई मुद्दों पर संघ का पक्ष रखा।
आरक्षण के मुद्दे पर दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को जब तक समान अवसर नहीं मिलते, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए। इसका लाभ सभी पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरक्षण सामाजिक और ऐतिहासिक परिस्थितियों के आधार पर होना चाहिए, न कि राजनीतिक उद्देश्यों के लिए।
मंदिरों के मामलों पर बोले- बाकी मामले अदालत में ही रहने दें
कृष्ण जन्मभूमि सहित अदालतों में चल रहे मंदिरों से जुड़े मामलों पर सवाल पूछे जाने पर होसबाले ने कहा, “हमें राम मंदिर बनाकर दिखाना था, वह हमने बना दिया। बाकी मामले कोर्ट में चल रहे हैं, उन्हें वहीं रहने देना चाहिए।”
एक साल में 10,241 नए स्थानों तक पहुंचा संघ
संघ के संगठनात्मक विस्तार की जानकारी देते हुए होसबाले ने बताया कि शताब्दी वर्ष के दौरान संगठन की पहुंच में तेजी से विस्तार हुआ है। पिछले एक साल में संघ 10,241 नए स्थानों तक पहुंचा है। अब देश के 63,208 स्थानों पर 99,423 शाखाएं संचालित हो रही हैं। इसके अलावा 34,982 साप्ताहिक मिलन और 14,096 मासिक मंडलियां भी चल रही हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से संघ की पहुंच कुल 1,03,397 स्थानों तक हो गई है। सामाजिक एकता और समरसता के उद्देश्य से देशभर में 94,218 हिंदू सम्मेलन आयोजित किए गए, जिनमें संघ के मुताबिक करीब पांच करोड़ लोगों ने भाग लिया।
बंगाल में 150 गुना बढ़ीं शाखाएं, केरल के सभी गांवों तक पहुंच का दावा
पश्चिम बंगाल में संघ के विस्तार पर होसबाले ने बताया कि वहां शाखाओं की संख्या पहले की तुलना में 150 गुना बढ़ी है। उन्होंने कहा कि पहले शाखाएं लगाने का विरोध होता था। त्रिपुरा और असम में संघ के कई कार्यकर्ताओं की हत्या भी हुई, लेकिन संगठन का काम जारी रहा। उन्होंने बताया कि मिजोरम में दो स्थानों और लद्दाख में भी शाखाएं शुरू की गई हैं। साथ ही दावा किया कि केरल के सभी गांवों में संघ की शाखाएं हैं।
युवाओं को नशे से बचाने के लिए काउंसलिंग करेगा संघ
युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या पर होसबाले ने कहा कि संघ इस दिशा में विशेष योजना तैयार करेगा। ड्रग्स और अन्य नशे की गिरफ्त में आ चुके युवाओं की काउंसलिंग की जाएगी। इसके साथ ही उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास होगा। उन्होंने बताया कि नवंबर और दिसंबर में संघ के विभिन्न प्रांतों में संघचालकों का निर्वाचन और नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। इसके बाद देशभर के 88 संभागों में संगठन के काम की आगामी योजना तैयार की जाएगी।
मोबाइल से दूर रखने के बजाय बच्चों को संस्कार देना जरूरी
बच्चों में मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल पर होसबाले ने कहा कि तकनीक को पूरी तरह रोकना आसान नहीं है। ऐसे में बच्चों को मोबाइल और इंटरनेट से दूर रखने के बजाय सही संस्कार देना जरूरी है। इसमें स्कूल, कॉलेज, सामाजिक संस्थाओं और माता-पिता की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि माता-पिता को तय करना चाहिए कि बच्चों को किस उम्र में मोबाइल या अन्य डिवाइस देना है और वे कितनी देर उसका इस्तेमाल करें। परिवारों से अपील की कि दिन या सप्ताह में आधे से एक घंटे तक मोबाइल से दूर रहकर सभी सदस्य एक साथ बैठें और सकारात्मक विषयों पर बातचीत करें।
उन्होंने कहा कि मंदिर जाने वाले लोग बच्चों को भी अपने साथ ले जाएं और उन्हें धार्मिक एवं सामाजिक परंपराओं का महत्व समझाएं। संघ पंच परिवर्तन के तहत परिवार में संस्कार और संवाद को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है।
लेफ्ट के वैलिडेशन की जरूरत नहीं, समाज का साथ चाहते हैं
संघ की विचारधारा को लेकर वामपंथी संगठनों से मान्यता मिलने के सवाल पर होसबाले ने कहा कि संघ को लेफ्ट के वैलिडेशन की जरूरत नहीं है। संघ समाज का साथ चाहता है। उन्होंने कहा, “अगर हम लेफ्ट का वैलिडेशन चाहते तो हमारा बोरिया-बिस्तर उठ चुका होता। हमारे लिए उनका वैलिडेशन कोई मायने नहीं रखता।”
80 देशों में संघ के स्वयंसेवक, अंतरराष्ट्रीय संगठन बनाने का इरादा नहीं
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संघ की गतिविधियों को लेकर होसबाले ने बताया कि संघ के स्वयंसेवक करीब 80 देशों में प्रेरणा के साथ काम कर रहे हैं। हालांकि, संघ का कोई अंतरराष्ट्रीय संगठन बनाने का उद्देश्य नहीं है। उन्होंने बताया कि संघ प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क, लंदन और टोरंटो में कार्यक्रम आयोजित हुए हैं। इन यात्राओं के दौरान वे स्वामीनारायण मंदिर और खालसा गुरुद्वारा भी गए तथा स्थानीय विश्वविद्यालयों में लोगों से संवाद किया। होसबाले के मुताबिक, इन कार्यक्रमों में विदेशी लोगों ने भारत में संघ की कार्यपद्धति को समझने में रुचि दिखाई।
SIR पर बोले- मतदाता सूची का परीक्षण सामान्य प्रक्रिया
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर होसबाले ने कहा कि मतदाता सूची का समय-समय पर परीक्षण होना चाहिए। यह एक सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि 13 करोड़ नाम हटाए जाने की बात कही जा रही है, जबकि उनके मुताबिक ये लोग अब दुनिया में नहीं हैं।
उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए बताया कि उन्हें भी नोटिस मिला था, क्योंकि उन्होंने अपने गांव के बजाय बेंगलुरु से मतदान किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि मतदाता सूची के परीक्षण को लेकर राजनीति क्यों होनी चाहिए।
संघ के पंजीयन की कोई कानूनी बाध्यता नहीं
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पंजीयन को लेकर पूछे गए सवाल पर होसबाले ने कहा कि संघ समाज का अंग है और देश में कई ऐसे संगठन हैं, जिनका पंजीयन नहीं है। उन्होंने कहा कि संघ के पंजीयन की कोई कानूनी बाध्यता नहीं है और संगठन देश के संविधान एवं कानून के अनुसार काम कर रहा है।
बाढ़ और चक्रवात प्रभावित 42,200 परिवारों तक पहुंचाई मदद
संघ के सेवा कार्यों की जानकारी देते हुए होसबाले ने बताया कि असम के शिवसागर और जोरहाट जिलों में बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए 1,600 से अधिक स्वयंसेवकों ने काम किया। इस दौरान करीब 42,200 परिवारों तक भोजन, पानी और दवाइयां पहुंचाई गईं।
उन्होंने बताया कि बाढ़ से 805 गांव प्रभावित हुए थे और 1,500 से अधिक मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। करीब 150 परिवारों को मकानों के पुनर्निर्माण के लिए सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में चक्रवात से प्रभावित मछुआरों और किसानों की सहायता की गई। कई स्थानों पर मकानों, फसलों और पशुधन को नुकसान पहुंचा था। हजारों नारियल के पेड़ उखड़ गए थे और चार से पांच दिन तक बिजली आपूर्ति बाधित रही थी।
युवाओं को भड़काने के पीछे हो सकती है साजिश
रीजीम चेंज यानी शासन व्यवस्था में बदलाव के मुद्दे पर होसबाले ने कहा कि समाज में अशांति फैलाना और हिंसा के माध्यम से बदलाव लाना देशहित में नहीं है। उन्होंने कहा कि युवाओं को भड़काने की कोशिश के पीछे साजिश हो सकती है।
उन्होंने युवाओं से संवाद स्थापित करने और उनकी समस्याओं को समझने की जरूरत बताई। होसबाले के मुताबिक, युवाओं में प्रतिभा और कौशल की कमी नहीं है, उन्हें सकारात्मक दिशा देने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि संघ की ओर से कॉलेज के युवाओं को सीमावर्ती क्षेत्रों से जोड़ने का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था। युवाओं की वास्तविक समस्याओं और मांगों का प्रशासनिक स्तर पर समाधान होना चाहिए।
पेशेवर वर्गों से संवाद बढ़ाने की पहल
बैठक के अंतिम दिन संघ ने समाज के अलग-अलग पेशेवर वर्गों से संपर्क बढ़ाने की पहल की। इसके तहत प्रांत प्रचारकों को शहर के डॉक्टरों, चार्टर्ड अकाउंटेंट, शिक्षाविदों और कोचिंग एवं कॉलेज संचालकों के बीच भेजा गया।
अलग-अलग समूहों में भोजन की व्यवस्था की गई, ताकि इन वर्गों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया जा सके। बॉम्बे हॉस्पिटल के राहुल पाराशर के यहां प्रांत प्रचारक और डॉक्टरों ने साथ भोजन किया। वहीं कोचिंग संस्थानों और कॉलेज संचालकों तथा चार्टर्ड अकाउंटेंट के लिए अलग-अलग समूह बनाए गए। इन मुलाकातों में संघ के कुछ कार्यकारिणी सदस्य भी शामिल हुए। बैठक में समाजसेवी महापुरुषों के कार्यों को आगे बढ़ाने, Gen-Z के बदलते रुझानों और शिक्षा के क्षेत्र में विद्या भारती की भूमिका जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
