नई दिल्ली: SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शन और हंगामे के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मुहिम तेज कर दी है। गुरुवार को देश के कई राज्यों में बीजेपी की ओर से पदयात्राएं निकाली जाएंगी। इन कार्यक्रमों में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी समेत कई बड़े नेता शामिल होंगे। बीजेपी का यह अभियान विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों के जवाब में राजनीतिक संदेश देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
अमित शाह हरियाणा के करनाल में निकालेंगे पदयात्रा
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह गुरुवार को हरियाणा के करनाल में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा की अगुवाई करेंगे। वह सुबह 10 बजे इस पदयात्रा में शामिल होंगे। हरियाणा की पंजाबी बेल्ट में होने वाले इस कार्यक्रम के जरिए अमित शाह कांग्रेस पर निशाना साधेंगे।
इसके अलावा अमित शाह अंबाला छावनी में शहीद स्मारक का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वह गांधी मैदान में आयोजित रैली को भी संबोधित करेंगे। इस दौरान उनके संबोधन पर राजनीतिक दलों की नजर रहेगी।
गाजियाबाद में सीएम योगी करेंगे पदयात्रा का नेतृत्व
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकालेंगे। इससे पहले बुधवार को बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन इसी अभियान के तहत गोरखपुर पहुंचे थे। उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पदयात्रा में शामिल हुए थे।
पदयात्रा से पहले आयोजित रैली में नितिन नवीन और योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा था। दोनों नेताओं ने विपक्ष की राजनीति और उसके विरोध-प्रदर्शनों को लेकर सवाल उठाए थे।
नागपुर में फडणवीस और नितिन गडकरी संभालेंगे मोर्चा
महाराष्ट्र के नागपुर में भी गुरुवार को बीजेपी की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्रा निकाली जाएगी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी शामिल होंगे। नागपुर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का प्रमुख केंद्र माना जाता है। ऐसे में यहां होने वाली पदयात्रा को बीजेपी के अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जयपुर में अश्विनी वैष्णव करेंगे पदयात्रा का नेतृत्व
राजस्थान की राजधानी जयपुर में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव इस अभियान के तहत पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने बीजेपी की मुहिम को लेकर कांग्रेस पर संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया है। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बीजेपी और एनडीए ने हमेशा संविधान में विश्वास रखा है। इसके विपरीत कांग्रेस पार्टी संविधान की हत्या करने, लोकतंत्र को नष्ट करने और अराजकता फैलाने में लगी हुई है।
उन्होंने कहा कि जो लोग संविधान की प्रति दिखाते हैं, उन्हें न तो उसमें लिखी बातों पर वास्तविक विश्वास है और न ही वे उसके सिद्धांतों को बनाए रखने में यकीन रखते हैं। उन्होंने आगे कहा कि संविधान की रक्षा करना और लोकतंत्र को बचाना हमारा कर्तव्य है। इस अभियान का उद्देश्य उन लोगों को बेनकाब करना है, जो लोकतंत्र और संविधान को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर जारी है सियासी टकराव
दरअसल, देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव जारी है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल इस प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष की ओर से विरोध-प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं। इसी बीच बीजेपी ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान शुरू किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता अलग-अलग राज्यों में पदयात्राओं और जनसभाओं के माध्यम से अपनी बात जनता तक पहुंचा रहे हैं।
गुरुवार को हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में होने वाले कार्यक्रमों में पार्टी के कई बड़े नेताओं की भागीदारी इस अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बीजेपी और विपक्ष के बीच बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।
