भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सरकारी जमीन बेचने के कथित घोटाले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने तीन बिल्डरों रामनाथ शर्मा, श्यामनाथ शर्मा और अश्विनीनाथ शर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि चुनाभट्टी क्षेत्र की बेशकीमती सरकारी जमीन को निजी संपत्ति बताकर बेचा गया, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान हुआ और लोगों के साथ धोखाधड़ी की गई। अदालत ने तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। वहीं, जेल वारंट जारी होने के बाद तीनों को जेपी अस्पताल में भर्ती कराए जाने और कथित वीआईपी ट्रीटमेंट को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
भोपाल के चुनाभट्टी इलाके की सरकारी जमीन को कथित तौर पर निजी संपत्ति बताकर बेचने के मामले में EOW ने तीनों बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई की है। आरोप है कि जमीन को बेचकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की गई और शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। रामनाथ शर्मा, श्यामनाथ शर्मा और अश्विनीनाथ शर्मा का नाम हरेकृष्ण कॉलोनाइजर और जानकी बिल्डर से भी जुड़ा बताया गया है।
सहकारी समितियां बनाकर कराया कम रकबे का डायवर्सन
जांच के अनुसार, आरोपियों ने विभिन्न सहकारी समितियां बनाकर कम रकबे का डायवर्सन कराया। इसके बाद इन समितियों के माध्यम से सरकारी जमीन बेचे जाने का आरोप है। इस मामले में EOW ने वर्ष 2019 में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी।
गिरफ्तारी के बाद अदालत ने भेजा न्यायिक हिरासत में
EOW ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और अदालत में पेश किया। न्यायालय ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। मामला सरकारी जमीन से जुड़े कथित घोटाले और आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोपों से संबंधित है।
जेल वारंट के बाद तीनों जेपी अस्पताल में भर्ती
जेल वारंट जारी होने के बाद तीनों आरोपियों की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई। इसके बाद उन्हें भोपाल के जेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया। तीनों आरोपियों का एक साथ अस्पताल में भर्ती होना चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, उनकी तबीयत बिगड़ने की चिकित्सकीय वजहों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
कथित VIP ट्रीटमेंट पर उठे सवाल
तीनों आरोपियों के अस्पताल में भर्ती होने के बाद उन्हें कथित तौर पर वीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली और अस्पताल में आरोपियों को दी जा रही सुविधाओं पर भी चर्चा हो रही है। इस संबंध में CMHO मनीष शर्मा ने बताया कि आरोपियों को बीपी और शुगर की समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
