भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने मिलावट और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में गड़बड़ी के खिलाफ कार्रवाई की है। विभाग की जांच में 35 खाद्य प्रतिष्ठानों से जुड़े मामलों में अनियमितताएं सामने आई हैं। पनीर, दूध, घी, मिठाई और नमकीन सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने अमानक और मिथ्या छाप पाए गए हैं। इसके बाद 35 से अधिक मामलों में अभियोजन स्वीकृति जारी कर कारोबारियों के खिलाफ न्यायालयीन कार्रवाई शुरू की गई है।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने डेयरियों, होटल, रेस्टोरेंट और किराना दुकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच कराई। इस दौरान कई प्रतिष्ठानों के खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और लेबलिंग से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आईं।
मावा कतली और मावा बर्फी के नमूने मिथ्या छाप
जांच रिपोर्ट में ‘रानी स्वीट’ की मावा कतली और ‘अजय बेकरी’ की मावा बर्फी को मिथ्या छाप पाया गया। वहीं, गोस्वामी किराना स्टोर और श्री अरिहंत किराना स्टोर से लिए गए सोयाबीन तेल के नमूनों की जांच में भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।
श्री कृष्णा और नेशनल डेयरी के पनीर-दूध के नमूने अमानक
विभाग की जांच में श्री कृष्णा डेयरी और नेशनल डेयरी सहित अन्य प्रतिष्ठानों से लिए गए दूध और पनीर के नमूने अमानक पाए गए। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में कमी सामने आने के बाद संबंधित मामलों में कार्रवाई की गई है।
तीन महीने में 6.50 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना
खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अनुसार, पिछले तीन महीनों में अपर कलेक्टर कोर्ट ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के उल्लंघन से जुड़े मामलों में कारोबारियों पर 6.50 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है।
खाद्य पदार्थों की जांच का अभियान रहेगा जारी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि आम जनता को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। खाद्य पदार्थों में मिलावट और नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
