Weather Latest Update: नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवाती तूफान को लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अगले कुछ दिनों में चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश और ओडिशा समेत पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, संभावित तूफान 28 अक्टूबर की सुबह उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तट के पास पहुंच सकता है।
IMD के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में शुक्रवार सुबह कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसके 24 अक्टूबर को अवदाब, 25 अक्टूबर को गहरे अवदाब और 26 अक्टूबर की सुबह चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। फिलहाल तूफान की अधिकतम तीव्रता और तट से टकराने के सटीक स्थान व समय को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। मौसम विभाग सिस्टम के विकसित होने के साथ लगातार निगरानी कर रहा है।
90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार
मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में हवा की गति धीरे-धीरे बढ़ सकती है। 25 अक्टूबर को हवा 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने और झोंकों की गति 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। वहीं, 26 अक्टूबर की सुबह तक हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तटीय इलाकों की ओर बढ़ते समय तूफान के और तेज होने की आशंका जताई गई है।
मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह
संभावित चक्रवात को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी है। पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में 25 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है। वहीं, 26 से 29 अक्टूबर तक पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में भी समुद्र में जाने से बचने को कहा गया है। 26 से 28 अक्टूबर के दौरान समुद्र में ऊंची से बहुत ऊंची लहरें उठने की आशंका है। मछली पकड़ने वाली नौकाओं, जहाजों, समुद्री परिवहन और बंदरगाहों से जुड़ी गतिविधियों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
27 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश और ओडिशा में बढ़ेगी बारिश
IMD के अनुसार, 26 अक्टूबर से ओडिशा के तटीय इलाकों और उत्तरी आंध्र प्रदेश में बारिश शुरू हो सकती है। 27 अक्टूबर को बारिश की तीव्रता बढ़ने का अनुमान है। इस दौरान उत्तरी आंध्र प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। तटीय ओडिशा में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि तटीय पश्चिम बंगाल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने संबंधित क्षेत्रों के लोगों और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है।
28 अक्टूबर को 20 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के मुताबिक, 28 अक्टूबर को उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा में बारिश का असर अधिक रह सकता है। कुछ स्थानों पर 24 घंटे के दौरान 20 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश होने की आशंका है। पश्चिम बंगाल में भी कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में प्रशासन को जरूरी एहतियाती तैयारियां करने की सलाह दी गई है।
बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी असर की आशंका
संभावित चक्रवाती तूफान का सबसे अधिक प्रभाव उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी 28 और 29 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने कहा है कि तूफान की दिशा, तीव्रता और तट के पास पहुंचने के संभावित समय पर लगातार नजर रखी जा रही है। सिस्टम की स्थिति के अनुसार आगे नए अपडेट जारी किए जाएंगे।
