मध्य प्रदेश तक फैला लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नेटवर्क: धमकी और रंगदारी मामलों में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

Lawrence Bishnoi gang’s network spread to Madhya Pradesh News: लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नेटवर्क अब पंजाब और हरियाणा से आगे बढ़कर मध्य प्रदेश तक पहुंच चुका है। हालांकि, पुलिस अधिकारी इस गैंग के लोगों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई कर रहे हैं। क्राइम ब्रांच के डीसीपी ने बताया है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी और रंगदारी मांगने के मामले में आरोपी राजपाल चंद्रावत को फिर से रिमांड पर लिया गया है और पूछताछ की जा रही है।
डीसीपी राजेश कुमार त्रिपाठी ने कहा, “हाल ही में इंदौर में एक एफआईआर दर्ज हुई थी। चेतन पवार और उसके जान-पहचान वाले के बीच हाल ही में मामला हुआ था। दोनों को लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने व्हाट्सएप पर मैसेज किए और अलग-अलग वीपीएन नंबर से धमकी भी दी और उनसे फिरौती मांगी गई। ऐसी ही घटना पहले खरगोन जिले में हुई थी, जहां राजपाल चंद्रावत को गिरफ्तार किया गया था। वह लॉरेंस गैंग से मिली धमकी को अंजाम देने की कोशिश कर रहा था। पुलिस को उसके शामिल होने के पक्के सबूत मिले। क्योंकि दोनों मामले एक जैसे थे, इसलिए राजपाल को फिर से पुलिस रिमांड पर ले लिया गया। वह 3 दिन की पुलिस रिमांड पर था और हमने 4 दिन और बढ़ाने के लिए कहा है। जांच चल रही है।”
खरगोन के मामले में पकड़े गए थे 15 आरोपी
खरगोन जिले में उद्योगपति के घर पर गोलीबारी कर दहशत फैलाने और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के नाम पर रंगदारी मांगने के आरोप में पुलिस ने 15 लोगों को गिरफ्तार किया था। यह मामला 16 मार्च का है, जब कसरावद थाना क्षेत्र के भीलगांव में उद्योगपति दिलीप राठौर के घर पर मोटरसाइकिल सवार तीन बदमाशों ने गोलीबारी की। इस घटना के अगले दिन उनसे 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि 10 करोड़ रुपये की मांग एक विदेशी नंबर से व्हाट्सऐप कॉल के जरिए की गई। कॉल करने वालों ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य बताया था और गोलीबारी का वीडियो भी भेजा था। इस मामले में राजपाल चंद्रावत सहित 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
आरोपियों के पास मिले 44 लाख रुपये
आरोपियों के पास से तीन कार, एक मोटरसाइकिल, चार पिस्तौल, 10 कारतूस, 10 मोबाइल फोन और 44 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे। पुलिस जांच में सामने आया कि उज्जैन निवासी लोकेन्द्र पंवार और धार निवासी सचिन पाटीदार इस साजिश के मुख्य आरोपी हैं, जिनका उद्योगपति के साथ आर्थिक विवाद था। इस मामले के खुलासे के लिए छह विशेष टीमों का गठन किया गया था। आरोपियों की गिरफ्तारी सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिरों की सूचना के आधार पर की गई।
गैंगस्टर हैरी बॉक्सर के खिलाफ एफआईआर
इस मामले में गुजरात, हरियाणा और राजस्थान के कुछ लोगों की संलिप्तता भी सामने आई है। इस सिलसिले में गैंगस्टर हैरी बॉक्सर के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। हैरी बॉक्सर के विदेश में होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों में से कई के खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।




