देशव्‍यापार

PNB की 1205 दिन वाली FD स्कीम: ₹1.25 लाख निवेश पर कितना मिलेगा रिटर्न?

PNB’s 1205-Day FD Scheme News: पंजाब नेशनल बैंक यानी पीएनबी की 1205 दिनों वाली स्पेशल फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) स्कीम उन निवेशकों के लिए स्पेशल है, जो सुरक्षित निवेश के साथ शानदार रिटर्न की तलाश में हैं। अगर आप आज इस स्कीम में ₹1,25,000 की एकमुश्त राशि जमा करने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानना आपके लिए बेहद जरूरी है कि मैच्योरिटी पर आपके हाथ में कितनी रकम आएगी। चूंकि PNB अपने सामान्य नागरिकों और वरिष्ठ नागरिकों (सीनियर सिटीजन) को अलग-अलग ब्याज दरें ऑफर कर रहा है, इसलिए रिटर्न का गणित भी बदल जाता है। हम स्टेप-बाय-स्टेप कैलकुलेशन के जरिए समझेंगे कि 1205 दिनों के बाद आपको आपके मूलधन पर कितना ब्याज मिलेगा और आपकी कुल वेल्थ कितनी बढ़ेगी।

PNB की 1205 दिनों की एफडी पर ब्याज
बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक, पीएनबी 1205 दिनों की अवधि वाली एफडी स्कीम पर मौजूदा समय में सामान्य ग्राहक को 6.10 प्रतिशत ब्याज ऑफर कर रहा है, जबकि सीनियर सिटीजन को 6.60 प्रतिशत ब्याज ऑफर कर रहा है। सुपर सीनियर सिटीजन को 6.90 प्रतिशत ब्याज दे रहा है।

रिटर्न का कैलकुलेशन
एक सामान्य ग्राहक अगर आज की तारीख में पंजाब नेशनल बैंक की 1205 दिनों की अवधि वाली एफडी में 1,25,000 रुपये डिपोजिट करता है तो पीएनबी एफडी कैलकुलेटर के मुताबिक, मैच्योरिटी पर आपके पास कुल 1,52,654 रुपये होंगे। यानी आपको इस पर रिटर्न के तौर पर ₹27,654 मिलेंगे। इसी तरह, अगर आप एक सीनियर सिटीजन (60 साल या इससे ज्यादा उम्र) हैं और आप पीएनबी की 1205 दिनों की एफडी में 1,25,000 रुपये जमा करते हैं तो कैलकुलेशन के हिसाब से आपको मैच्योरिटी पर कुल 1,55,155 रुपये मिलेंगे। यानी इस डिपोजिट पर आपको 30,155 रुपये रिटर्न के तौर पर मिलेंगे। अगर सुपर सीनियर सिटीजन हैं तो आपको इसी जमा पर कुल रिटर्न 31,674 रुपये मिलेंगे। यानी मैच्योरिटी के समय आपके पास ₹1,56,674 होंगे।

इन बातों का रखें ध्यान
ध्यान रहे, एफडी में समय से पहले पैसा निकालने की सुविधा आमतौर पर उपलब्ध होती है, लेकिन इसके साथ पेनल्टी लग सकती है। इस जुर्माने की वजह से आपको मिलने वाला कुल ब्याज कम हो जाता है, इसलिए निवेश से पहले इस शर्त को समझना जरूरी है। इसके अलावा, एफडी पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स के दायरे में आता है। यदि एक वित्त वर्ष में ब्याज से आपकी आय तय सीमा से अधिक हो जाती है, तो बैंक द्वारा TDS भी काटा जा सकता है।

Related Articles

Back to top button