बेंगलुरु: कर्नाटक में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘विलेज इडियट’ कह दिया। दोनों नेताओं के बीच यह विवाद उस समय बढ़ा, जब कुमारस्वामी ने प्रियांक खरगे को गृह मंत्री पद के लायक नहीं बताया था। अब प्रियांक खरगे ने पलटवार करते हुए कहा है कि वह गृह मंत्री बनने के लिए फिट हैं या अनफिट, इसका फैसला जनता करेगी।
दरअसल, केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने आरोप लगाया था कि कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को निशाना बनाने वाले कथित स्टिंग ऑपरेशन की जांच को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और प्रियांक खरगे के दबाव में भटकाया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि केरल की एक महिला ने कर्नाटक राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को ईमेल भेजा था, जो बाद में गायब हो गया। कुमारस्वामी ने इसी मामले को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए थे। बता दें कि एचडी कुमारस्वामी केंद्र सरकार में भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री हैं।
प्रियांक खरगे ने कुमारस्वामी को दिया जवाब
कुमारस्वामी के आरोपों और गृह मंत्री पद को लेकर की गई टिप्पणी पर प्रियांक खरगे ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने कुमारस्वामी का बयान देखा था, जिसमें उन्हें गृह मंत्री बनने के लायक नहीं बताया गया था।
प्रियांक खरगे ने पलटवार करते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपने परिवार और राज्य की जनता से झूठ बोलता है, छोटी-छोटी बातों पर आंसू बहाने लगता है और हर चुनाव में अपनी सीट बदलता है, वह दूसरों की योग्यता पर सवाल उठा रहा है।
उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा, “अगर उनके जैसे लोग मुख्यमंत्री बन सकते हैं, तो क्या मुझे अपनी पोस्ट के बारे में सोचना भी नहीं चाहिए? क्या किसी पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय मंत्री को बुनियादी समझ भी नहीं है? क्या वह विलेज इडियट हैं?”
फिट हूं या अनफिट, जनता तय करेगी: प्रियांक खरगे
प्रियांक खरगे ने साफ कहा कि उन्हें एचडी कुमारस्वामी से कुछ भी सीखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं गृह मंत्री बनने के लिए फिट हूं या अनफिट, यह जनता तय करेगी। मुझे आपके इस सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।”
अगले चुनाव में भी 100 सीटें नहीं जीत पाएंगे: खरगे
प्रियांक खरगे ने कुमारस्वामी पर चुनावी प्रदर्शन को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में भी कुमारस्वामी 100 सीटें नहीं जीत पाए थे और अगले चुनाव में भी ऐसा नहीं कर पाएंगे। दोनों नेताओं के बीच जारी इस बयानबाजी से कर्नाटक की राजनीति में सियासी टकराव और तेज हो गया है।
