Supreme Court

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह से जुड़े मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 25 सितंबर को अहम आदेश जारी किया है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने भूपेंद्र सिंह की ओर से दायर मानहानि मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी। मामले में मध्य प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार रवींद्र जैन की ओर से अधिवक्ता शाम्भवी श्रीवास्तव सुप्रीम कोर्ट में पेश हुईं।

मामला भूपेंद्र सिंह द्वारा दायर मानहानि की कार्यवाही से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान रवींद्र जैन की ओर से मामले में अपना पक्ष रखा गया। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही संबंधित कार्यवाही पर रोक लगाने का आदेश दिया।

Meta और Google को भी नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने मामले में Meta Platforms और Google समेत अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। इससे मामला सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े पहलुओं तक भी पहुंच गया है। अब नोटिस के जवाब और मामले की आगे की सुनवाई के बाद विवाद से जुड़े कानूनी पहलुओं पर स्थिति और स्पष्ट होगी।

क्या है पूरा विवाद?

यह मामला भूपेंद्र सिंह की ओर से दायर मानहानि की कार्यवाही और उससे जुड़ी ऑनलाइन सामग्री/डिजिटल प्लेटफॉर्म के संबंध में है। दिल्ली हाईकोर्ट में मामले की कार्यवाही चल रही थी, जिसे चुनौती देते हुए मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 25 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया।

आगे की सुनवाई पर टिकी नजर

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब मामले में अगली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। Meta Platforms, Google और अन्य प्रतिवादियों की ओर से जवाब दाखिल किए जाने के बाद कोर्ट मामले से जुड़े कानूनी सवालों पर आगे सुनवाई करेगा। फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही संबंधित कार्यवाही पर रोक है।