MP Bhopal News: भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बैरागढ़ फ्लाईओवर के निर्माण के चलते लोगों को लगातार ट्रैफिक जाम और अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर मौके पर चल रहे काम और ट्रैफिक व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान व्यवस्थाओं में खामियां मिलने पर मंत्री ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को जमकर फटकार लगाई। साथ ही निर्माण एजेंसी पर 20 लाख रुपये की पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए।

दिन में ट्रैफिक के बीच निर्माण पर जताई नाराजगी

निरीक्षण के दौरान मंत्री राकेश सिंह ने अधिकारियों से सवाल किया कि जब दिन के समय इस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव अधिक रहता है, तो निर्माण कार्य रात के समय क्यों नहीं कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारी ट्रैफिक के बीच निर्माण कार्य होने से वाहन चालकों को परेशानी होती है और हादसे का खतरा भी बढ़ जाता है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण से जुड़ा ऐसा काम, जिसे रात में किया जा सकता है, उसे रात के समय ही कराया जाए, ताकि दिन में ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित न हो।

बैरिकेडिंग और सर्विस रोड की व्यवस्था सुधारने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान बैरिकेडिंग की स्थिति को लेकर भी मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि बैरिकेड केवल उसी हिस्से में लगाए जाएं, जहां वास्तविक रूप से निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण से अप्रभावित हिस्से को अनावश्यक रूप से बंद न रखा जाए और उसे व्यवस्थित तरीके से यातायात के लिए खोला जाए। इसके साथ ही मंत्री ने सर्विस रोड की मरम्मत कराने, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था दुरुस्त करने और ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

धूल और सुरक्षा व्यवस्था पर भी दिए निर्देश

निर्माण स्थल पर उड़ रही धूल को लेकर भी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराने और निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजाम बेहतर करने को कहा। इसके अलावा साइट इंजीनियर की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में दोबारा लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मार्च 2027 तक पूरा करना होगा फ्लाईओवर का काम

निरीक्षण के दौरान निर्माण एजेंसी को बैरागढ़ फ्लाईओवर का काम मार्च 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि अब निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को हर 15 दिन में निर्माण कार्य की समीक्षा करने के निर्देश दिए, जबकि निर्माण एजेंसी को हर सप्ताह प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

20 लाख रुपये की पेनल्टी लगाने के निर्देश

निर्माण स्थल पर अव्यवस्थाएं मिलने और कामकाज में लापरवाही पर मंत्री राकेश सिंह ने निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को एजेंसी पर 20 लाख रुपये की पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि फ्लाईओवर का निर्माण जरूरी है, लेकिन निर्माण के दौरान आम लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। ट्रैफिक व्यवस्था, सुरक्षा और निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।