नई दिल्ली: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें सफल होने के लिए 7 सलाह दी हैं। बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए रिजिजू ने कहा कि यदि राहुल गांधी इन सुझावों पर अमल करते हैं, तो कांग्रेस पार्टी के सांसदों की संख्या बढ़ सकती है। पिछले कुछ दिनों से भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के बीच लगातार जुबानी जंग देखने को मिल रही है। इसी बीच रिजिजू की यह पोस्ट राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है।
किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी को दीं ये 7 सलाह
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर पोस्ट करते हुए कहा कि यदि राहुल गांधी इन सात बातों पर ध्यान दें, तो कांग्रेस पार्टी अधिक सांसद जिता सकती है। उनकी सलाह इस प्रकार हैं-
- भारत में अधिक समय बिताएं और बार-बार चुपचाप विदेश यात्राओं पर जाने से बचें।
- वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करें और उनसे बहुमूल्य सीख लें, जैसा कि भारतीय परंपरा रही है।
- भारत विरोधी लोगों से मुलाकात न करें और उनके एजेंडे को बढ़ावा देना बंद करें।
- भाजपा, आरएसएस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति गहरी नफरत खत्म करें। भाजपा को राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी मानें, दुश्मन नहीं।
- संसद को अधिक गंभीरता से लें और सांसदों को बहस एवं चर्चाओं में हिस्सा लेने दें।
- भारत के संविधान का सम्मान करें और संवैधानिक संस्थाओं का मान रखें।
- कांग्रेस पार्टी को लोकतांत्रिक तरीके से काम करने दें और परिवारवादी राजनीति को खत्म करें।
राहुल गांधी की डिबेट चुनौती पर भी साधा निशाना
दरअसल, हाल ही में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डिबेट की चुनौती दी थी। इसके बाद से भाजपा नेताओं की ओर से राहुल गांधी पर लगातार निशाना साधा जा रहा है। इसी मुद्दे पर किरेन रिजिजू ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संसद बहस और चर्चा की जगह है, लेकिन जो लोग लोकतंत्र, बहस और चर्चा में विश्वास नहीं रखते, वे अब बहस की बात कर रहे हैं।
समझदार और परिपक्व लोगों के बीच होती है बहस: रिजिजू
किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि यह वैसा ही है जैसे इस्लामी कट्टरपंथी धर्मनिरपेक्षता की बात करें, अलगाववादी भारतीय झंडा थामें या अराजकतावादी संविधान की किताब दिखाएं। उन्होंने आगे कहा कि भारत के दुश्मनों के एजेंडे को आगे बढ़ाना और फिर दूसरों पर विदेशी समर्थन का आरोप लगाना खुद का मजाक उड़ाने जैसा है। रिजिजू के मुताबिक, शीर्ष स्तर की बहस समझदार और परिपक्व लोगों के बीच होती है।
