दुबई: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में बुधवार को कॉकपिट के अंदर हुई हिंसक घटना के बाद बड़ा हादसा टल गया। विमान में करीब 180 लोग सवार थे। घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। विमान में सवार सभी यात्रियों और क्रू के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई है।

इस घटना में विमान के कैप्टन स्मित मच्छार घायल हुए। भारतीय दूतावास के अनुसार उन्हें इलाज के लिए तबुक के अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनकी स्थिति स्थिर बताई गई। रिपोर्टों के मुताबिक मच्छार फ्लाईदुबई के बोइंग 737 बेड़े में कैप्टन हैं और जून 2022 से कंपनी के साथ जुड़े हैं।

7700 के बाद 7500 कोड से मचा हड़कंप

फ्लाइट ने पहले 7700 ट्रांसपोंडर कोड भेजा, जो सामान्य आपात स्थिति का अंतरराष्ट्रीय संकेत है। इसके कुछ समय बाद विमान ने 7500 कोड प्रसारित किया, जिसे विमान में अवैध हस्तक्षेप या संभावित हाईजैकिंग के संकेत के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया।

कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच हुई झड़प

प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक विमान के कॉकपिट में कैप्टन और को-पायलट के बीच विवाद हुआ। इजरायली अधिकारियों के हवाले से रिपोर्टों में आरोप है कि को-पायलट ने कैप्टन पर हमला किया और विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। हालांकि घटना की पूरी परिस्थितियों और हमले के कारणों की आधिकारिक जांच जारी है।

यात्रियों और क्रू ने संभाली स्थिति

घटना के दौरान विमान में मौजूद यात्रियों और क्रू ने हस्तक्षेप किया। रिपोर्टों के अनुसार विमान में यात्रा कर रहे कुछ अन्य पायलटों ने भी स्थिति संभालने में मदद की। इसके बाद विमान को तबुक की ओर मोड़ा गया और वहां सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।

तेजी से नीचे आया विमान

फ्लाइट के उड़ान के दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक तेज गिरावट दर्ज की गई। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार विमान करीब 34,000 फीट की ऊंचाई पर था और इसके बाद तेजी से नीचे आया। बाद में विमान ने तबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग की।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई

घटना के बाद सऊदी अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फ्लाईदुबई ने भी कॉकपिट में हुई घटना की पुष्टि करते हुए यात्रियों और क्रू के सुरक्षित होने की जानकारी दी है। घटना के पीछे क्या कारण था और पूरे घटनाक्रम में वास्तव में क्या हुआ, इसका स्पष्ट पता जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा।