भोपाल: मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में पदस्थ एक महिला आरक्षक को जेंडर चेंज कर पुरुष बनने की आधिकारिक अनुमति मिल गई है। राज्य के गृह विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। महिला आरक्षक ने 6 जनवरी 2022 को पुलिस मुख्यालय में आवेदन देकर लिंग परिवर्तन की अनुमति मांगी थी। मेडिकल जांच और मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा के बाद यह मामला शासन स्तर पर आगे बढ़ा और अब अनुमति प्रदान कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, महिला आरक्षक ने 6 जनवरी 2022 को आवेदन और शपथ पत्र प्रस्तुत कर जेंडर चेंज कराने की अनुमति मांगी थी। आवेदन मिलने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत मामले की जांच शुरू की गई। इसके बाद संबंधित दस्तावेजों और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।

गांधी मेडिकल कॉलेज में हुई थी जांच

जुलाई 2022 में भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में महिला आरक्षक का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया था। जांच के बाद मनोचिकित्सक ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके आधार पर जिला मेडिकल बोर्ड ने लिंग परिवर्तन की अनुमति देने के पक्ष में अनुशंसा की। इसके बाद गृह विभाग ने उपलब्ध दस्तावेजों और मेडिकल रिपोर्ट का परीक्षण किया।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद आगे बढ़ी प्रक्रिया

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मामले में गृह विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद संबंधित विभाग ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत मामले पर विचार किया और महिला आरक्षक को जेंडर चेंज कराने की अनुमति प्रदान कर दी।

मध्यप्रदेश में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

मध्यप्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों के जेंडर परिवर्तन से जुड़े मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021 में निवाड़ी जिले की एक महिला आरक्षक और वर्ष 2023 में रतलाम जिले की एक अन्य महिला आरक्षक ने भी लिंग परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी कराई थी। वर्तमान मामला इस तरह का तीसरा प्रकरण बताया जा रहा है।

अनुमति के बाद आगे की प्रक्रिया पर नजर

गृह विभाग से अनुमति मिलने के बाद संबंधित आरक्षक चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ सकेंगी। यह मामला सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के लिंग परिवर्तन से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हालांकि, आगे की चिकित्सकीय प्रक्रिया और सेवा अभिलेखों में आवश्यक बदलाव निर्धारित नियमों के अनुसार किए जाएंगे।