देवास: मध्य प्रदेश के देवास जिले के चंदाना और बिंजाना में हुई कथित मौतों के मामले को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि जहरीली शराब से मौतों के मामले में परिजनों की शिकायत के बावजूद पुलिस हत्या का प्रकरण दर्ज नहीं कर रही है। उन्होंने सरकार पर शराब माफियाओं के दबाव में काम करने और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करने का आरोप लगाया। पटवारी ने मांग की कि मामले में भारतीय न्याय संहिता के तहत हत्या से संबंधित लागू धाराओं में कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी कि उचित कार्रवाई नहीं होने पर कांग्रेस पूरे प्रदेश में जनजागरण अभियान चलाएगी।
पीड़ित परिवारों से मिले जीतू पटवारी, पदयात्रा निकालने का ऐलान
मंगलवार को जीतू पटवारी देवास पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने इंदौर से देवास और देवास से उज्जैन तक पदयात्रा निकालने की बात कही। पटवारी ने बताया कि कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और शहर अध्यक्ष पीड़ित परिवारों के साथ सिविल लाइन थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराने का प्रयास करेंगे। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए पार्टी अपना संघर्ष जारी रखेगी।
‘शराब माफियाओं के दबाव में काम कर रही सरकार’
इससे पहले भोपाल में मीडिया से चर्चा के दौरान जीतू पटवारी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि शराब माफिया सरकार चला रहे हैं और मुख्यमंत्री को प्रदेश के माफियाओं ने जकड़ रखा है। पटवारी ने आरोप लगाया कि अवैध शराब गली-गली बिक रही है और देवास में जहरीली शराब से 20 मौतें हो चुकी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदेश में कथित तौर पर जहरीली शराब से हुई मौतों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई कौन करेगा।
कार्रवाई नहीं हुई तो सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस
जीतू पटवारी ने सवाल किया कि यदि सरकार चाहे तो एक दिन में अवैध शराब की बिक्री बंद हो सकती है, फिर इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन के अधिकारी जहरीली शराब से मौतों की बात स्वीकार नहीं कर रहे हैं, जबकि इस मामले में गिरफ्तारियां भी हुई हैं। पटवारी ने चेतावनी दी कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई और अवैध शराब की बिक्री पर रोक नहीं लगी, तो कांग्रेस सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेगी और सड़कों पर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखने की बात भी कही।
कलेक्टर-एसपी के बाद तीन आबकारी अधिकारी निलंबित
देवास में कथित जहरीली शराब से मौतों के मामले के बीच प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई की गई है। कलेक्टर और एसपी को हटाए जाने के बाद आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है। इनमें जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया, सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलेश पवार और आबकारी उप निरीक्षक राजश्री खन्ना शामिल हैं। मामले को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार और प्रशासन से जवाबदेही तय करने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है।
