भोपाल: मध्यप्रदेश में सागर और देवास में जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार को घेर रही है। मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी देवास पहुंचे, जहां उनके नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। पटवारी ने चंदाना गांव में जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर सवाल उठाए और मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।
इससे पहले जीतू पटवारी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर जहरीली शराब से हुई मौतों की निष्पक्ष जांच, शराब माफिया के नेटवर्क पर कार्रवाई और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने केंद्र सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह भी किया।
जहरीली शराब कांड पर जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा
जीतू पटवारी ने अपने पत्र में सवाल उठाया कि जहरीली शराब से हुई मौतों के मामलों में सच्चाई सामने लाने के बजाय उन्हें छिपाने की कोशिश क्यों की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश सरकार सरकारी अपराधों पर लीपापोती कर जनता का ध्यान असल मुद्दों से भटकाने का प्रयास कर रही है। पटवारी ने देवास के जहरीली शराब कांड का जिक्र करते हुए मोहन सरकार पर भी निशाना साधा।
पटवारी ने कहा कि भाजपा देशभर में डबल इंजन सरकार के जरिए बेहतर प्रशासन और अपराधियों पर कार्रवाई का दावा करती है, लेकिन मध्यप्रदेश में जहरीली शराब से हो रही मौतें इन दावों पर सवाल खड़े करती हैं।
उज्जैन, मुरैना और सागर की घटनाओं का किया जिक्र
जीतू पटवारी ने अपने पत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों के आंकड़े भी सामने रखे। उन्होंने दावा किया कि अक्टूबर 2020 में उज्जैन में 14 लोगों की मौत हुई थी, जबकि जनवरी 2021 में मुरैना में 24 लोगों की जान गई थी। उन्होंने वर्ष 2021 में मंदसौर में भी जहरीली शराब से मौतों का मामला सामने आने का उल्लेख किया।
पटवारी के मुताबिक, सितंबर 2026 में सागर में जहरीली शराब से 30 लोगों की मौत हुई और अब अक्टूबर में देवास के चंदाना और बिजाना गांवों में 20 से अधिक लोगों की मौत की खबर सामने आई है। उन्होंने इन घटनाओं को लेकर राज्य की आबकारी नीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए।
आबकारी व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर उठाए सवाल
पटवारी ने सवाल किया कि क्या राज्य की आबकारी नीति और प्रशासनिक व्यवस्था का उद्देश्य केवल राजस्व जुटाना रह गया है? उन्होंने कहा कि नागरिकों की जान की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और जहरीली शराब से होने वाली मौतों के मामलों में जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
अमित शाह से की पांच प्रमुख मांगें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में जीतू पटवारी ने कई मांगें रखीं। इनमें मध्यप्रदेश में भाजपा शासन के दौरान जहरीली शराब से हुई मौतों की जांच और जरूरत पड़ने पर स्वतंत्र जांच कराना शामिल है।
उन्होंने अंतरराज्यीय शराब माफिया के नेटवर्क को तोड़ने के लिए संबंधित राज्यों की एजेंसियों के बीच समन्वित कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही, सागर मामले में विभागीय आदेशों में बदलाव, निगरानी की विफलता और अन्य प्रशासनिक चूकों की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की बात कही।
पटवारी ने मध्यप्रदेश की आबकारी व्यवस्था का स्वतंत्र मूल्यांकन कराने, अवैध शराब की आपूर्ति और बिक्री रोकने के लिए प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने तथा मृतकों के परिजनों को नियमानुसार सहायता देने की मांग भी की। उन्होंने प्रभावित लोगों को समुचित उपचार और दोषियों को कानून के अनुसार कठोर दंड दिलाने का आग्रह किया।
