नई दिल्ली: SIR के खिलाफ कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी गठबंधन 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल महारैली करने जा रहा है। राहुल गांधी के नेतृत्व में होने वाली इस रैली में इंडिया ब्लॉक की सभी पार्टियों के शामिल होने की बात कही जा रही है। विपक्ष ने रैली में 10 लाख लोगों के जुटने का दावा किया है। इसके लिए राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली लाने की तैयारी की जा रही है। वहीं, विपक्षी सांसदों को 30 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे से पहले दिल्ली पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
30 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचेंगे विपक्षी सांसद
जानकारी के मुताबिक, विपक्ष के सभी सांसदों को 30 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे से पहले दिल्ली पहुंचने को कहा गया है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर मॉक पार्लियामेंट आयोजित किए जाने की संभावना है। इसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की प्रक्रिया से जुड़ा प्रस्ताव लाए जाने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस की ओर से पहले अशोका होटल में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी।
रामलीला मैदान में रैली के लिए सख्त शर्तें
दिल्ली पुलिस ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली कांग्रेस की रैली को कई शर्तों के साथ अनुमति दी है। जारी पत्र के मुताबिक, रैली हर हाल में शाम 5 बजे तक समाप्त करनी होगी। प्रवेश और निकास द्वारों के साथ मंच के आसपास हाई डेफिनिशन CCTV कैमरे लगाने होंगे। रामलीला मैदान से बाहर किसी भी तरह के मार्च की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, भड़काऊ भाषण दिए जाने पर तत्काल कार्रवाई की बात कही गई है। आयोजकों को कार्यक्रम से जुड़ी पूरी जानकारी भी पहले उपलब्ध करानी होगी।
10 लाख लोगों को जुटाने का दावा
कांग्रेस ने इस महारैली में 10 लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया है। हालांकि, रामलीला मैदान की क्षमता लगभग 50 हजार लोगों की बताई जा रही है। ऐसे में रैली में भीड़ जुटाने को लेकर पार्टी ने व्यापक तैयारियां शुरू की हैं। दिल्ली से सटे लोकसभा क्षेत्रों को 20 हजार लोगों को लाने का लक्ष्य दिया गया है। हर लोकसभा क्षेत्र में पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए गए हैं।
राजस्थान, हरियाणा और यूपी से जुटाए जा रहे कार्यकर्ता
रैली को सफल बनाने के लिए राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जुटाया जा रहा है। पार्टी की ओर से प्रत्येक जिले से 10 हजार कार्यकर्ताओं को दिल्ली लाने का लक्ष्य निर्धारित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा, रैली से एक रात पहले करीब 30 हजार लोगों के दिल्ली पहुंचने की संभावना जताई गई है। इनके ठहरने की व्यवस्था भी की जा रही है।
SIR के मुद्दे पर विपक्ष दिखाएगा एकजुटता
कांग्रेस के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक की यह रैली SIR के मुद्दे पर विपक्ष की एकजुटता प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। इसमें गठबंधन की विभिन्न पार्टियों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। विपक्ष इस रैली के जरिए निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अपने विरोध और मांगों को उठाने की तैयारी कर रहा है।
