भोपाल: मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने, सोयाबीन किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 15 अक्टूबर को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में औद्योगिक विकास, कृषि, शिक्षा, आयुष, न्याय और महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों के तहत प्रदेश में विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए बड़ी धनराशि स्वीकृत की गई।
इंदौर-जबलपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के विकास के लिए बनेगी कंपनी
कैबिनेट ने जबलपुर-इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर और चयनित औद्योगिक हब के विकास के लिए विशेष कंपनी गठित करने की मंजूरी दी है। यह कंपनी पूरी तरह मध्यप्रदेश सरकार के स्वामित्व में रहेगी। इसके लिए सरकार 100 करोड़ रुपये की प्रारंभिक पूंजी उपलब्ध कराएगी।
कंपनी औद्योगिक पार्क, फूड पार्क, एग्री-प्रोसेसिंग पार्क, लॉजिस्टिक्स पार्क और आईटी पार्क जैसी सुविधाओं के विकास पर काम करेगी। इसके साथ ही आर्थिक हब में भूमि प्रबंधन, मास्टर प्लानिंग और आंतरिक बुनियादी ढांचे के विकास की जिम्मेदारी भी संभालेगी। हालांकि, मुख्य सड़क या कॉरिडोर का निर्माण कंपनी के कार्यक्षेत्र में शामिल नहीं होगा।
सोयाबीन किसानों को भावांतर योजना का मिलेगा लाभ
खरीफ वर्ष 2026 में सोयाबीन उत्पादक किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए कैबिनेट ने भावांतर योजना लागू करने की मंजूरी दी है। योजना के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य और निर्धारित नियमों के अनुसार बिक्री मूल्य के अंतर की राशि पात्र किसानों को दी जाएगी।
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ई-उपार्जन पोर्टल पर 17 अक्टूबर 2026 तक पंजीयन कराना होगा। अधिसूचित मंडियों में सोयाबीन की बिक्री की अवधि 22 अक्टूबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक निर्धारित की गई है। भावांतर की राशि किसानों के पंजीकृत बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से भेजी जाएगी।
योजना के संचालन और निगरानी के लिए राज्य स्तर पर मुख्य सचिव तथा जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समितियां गठित की जाएंगी।
चार सिंचाई परियोजनाओं के लिए 3,076 करोड़ रुपये मंजूर
प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि भूमि तक पानी पहुंचाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने बुरहानपुर, रायसेन, मंदसौर और सिंगरौली की चार सिंचाई परियोजनाओं के निरंतर संचालन के लिए कुल 3,076.37 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
बुरहानपुर की झिरमिटी परियोजना के लिए 922.91 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे 42 गांवों की करीब 17,700 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने का प्रावधान है। रायसेन की बारना परियोजना के लिए 82.49 करोड़ रुपये, मंदसौर की कयामपुर-सीतामऊ परियोजना के लिए 750.83 करोड़ रुपये और सिंगरौली की चितरंगी परियोजना के लिए 1,320.14 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
94 सांदीपनि विद्यालयों के विद्यार्थियों को मिलेगी परिवहन सुविधा
जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित 94 सांदीपनि विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के परिवहन के लिए 241.88 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। विद्यार्थियों को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित दर 10 हजार रुपये प्रति विद्यार्थी प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 21 हजार रुपये की जाएगी। इसमें प्रत्येक वर्ष 5 प्रतिशत की वृद्धि का भी प्रावधान किया गया है।
इस फैसले का उद्देश्य विद्यार्थियों को विद्यालय आने-जाने में सुविधा उपलब्ध कराना और शिक्षा तक उनकी पहुंच को बेहतर बनाना है।
स्कूलों, छात्रावासों और आयुष योजनाओं के लिए बड़ी राशि
कैबिनेट ने सरकारी स्कूलों, छात्रावासों, पुस्तकालयों और आवासीय खेलकूद भवनों के निर्माण तथा विस्तार के लिए 2,875.20 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय आयुष मिशन के निरंतर संचालन के लिए 1,697.62 करोड़ रुपये और आयुष महाविद्यालयों एवं चिकित्सालयों से संबंधित योजना के लिए 3,535 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
विधि एवं विधायी कार्य विभाग की विभिन्न योजनाओं को जारी रखने के लिए 15,557.35 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। वहीं, राज्य सूचना आयोग की स्थापना और परिसंपत्तियों के रखरखाव के लिए 71.81 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
चार जिलों में महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए नए पद
मंत्रि-परिषद ने निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर जिलों में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालयों के लिए 24 नए पदों के सृजन और 12 पदों के प्रतिस्थापन से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके साथ ही केंद्र सरकार की संबंधित योजनाओं के तहत आउटसोर्स के माध्यम से मानव संसाधन उपलब्ध कराने को भी स्वीकृति दी गई।
औद्योगिक विकास से लेकर किसानों और शिक्षा तक पर जोर
15 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन, सोयाबीन किसानों को उचित मूल्य, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, विद्यार्थियों के लिए परिवहन व्यवस्था और शिक्षा व आयुष योजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। इन स्वीकृतियों के माध्यम से राज्य सरकार ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
