नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजाम की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। महिला छात्रों के कथित यौन उत्पीड़न के मामले में दिल्ली पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने के लिए बुलाया है। पुलिस ने उन्हें गुरुवार को वसंत कुंज नॉर्थ थाने में पेश होने का निर्देश दिया है। यह नोटिस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 35(3) के तहत जारी किया गया है।

दिल्ली पुलिस के वसंत कुंज नॉर्थ थाने की ओर से जारी नोटिस में सांसद बिमोल अकोइजाम को मामले की जांच में शामिल होने और अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। पुलिस ने उन्हें गुरुवार को थाने में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई उनके खिलाफ लगे कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के सिलसिले में की जा रही है।

JNU ने इंटरनल कमिटी की रिपोर्ट के आधार पर की थी कार्रवाई

इस मामले में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने आंतरिक समिति की रिपोर्ट के आधार पर अंगोमचा बिमोल अकोइजाम को तत्काल प्रभाव से विश्वविद्यालय की सेवा से बर्खास्त कर दिया था। वह विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे। अब इस मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बाद जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस कार्यालय तक निकाला था मार्च

मंगलवार को भाजपा महिला मोर्चा और पार्टी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय तक मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने इनर मणिपुर से कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजाम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद रूप कुमारी चौधरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया के. रहाटकर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था। प्रतिनिधिमंडल ने कथित यौन उत्पीड़न के मामले में सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

राष्ट्रपति से भी की गई कार्रवाई की मांग

इससे पहले भाजपा की महिला नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर सांसद के खिलाफ शिकायत की थी। उन्होंने मामले में कार्रवाई करने और सांसद को पद से हटाने की मांग उठाई थी। इस प्रकरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

सांसद बोले- यह उत्पीड़न के अलावा कुछ नहीं

अपने ऊपर लगे आरोपों पर कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे उत्पीड़न करार दिया। समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, उन्होंने कहा कि JNU में अपनाई गई प्रक्रिया को अदालत में चुनौती दिए जाने पर नियमों और विनियमों की अनदेखी सामने आएगी। उन्होंने दावा किया कि यदि मामले के तथ्यों और आरोपों की वास्तविकता की जांच होगी, तो स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल, दिल्ली पुलिस ने उन्हें जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया है। मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष पर सबकी नजर बनी हुई है।