नई दिल्ली। अमेरिकी सिंगर और अभिनेत्री मैरी मिलबेन अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने भारतीय युवाओं से कथित तौर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की है। मिलबेन ने आरोप लगाया कि इस संगठन को अमेरिका में मौजूद कुछ ऐसे दानदाताओं से आर्थिक मदद मिल रही है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके नेतृत्व के विरोधी हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
मैरी मिलबेन ने बुधवार को सोशल मीडिया पर अपना बयान साझा किया। उनका यह बयान ऐसे समय आया, जब दिल्ली में विपक्षी दलों और CJP समर्थकों की ओर से प्रदर्शन किया जा रहा था। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया।
CJP को अमेरिकी फंडिंग मिलने का लगाया आरोप
मैरी मिलबेन ने दावा किया कि CJP के नेता अभिजीत दिपके और उनके संगठन को अमेरिका में मौजूद कुछ ऐसे लोगों से आर्थिक समर्थन मिल रहा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीतिक विचारधारा और नेतृत्व के विरोधी हैं। उन्होंने भारतीय युवाओं से ऐसे कथित राजनीतिक हस्तक्षेप के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। मिलबेन ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का समर्थन भी किया। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं को डरने की जरूरत नहीं है और उन्हें देश की राजनीतिक स्थिरता एवं विकास से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठानी चाहिए।
मोदी के राजनीतिक अनुभव का किया जिक्र
अमेरिकी सिंगर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लंबे राजनीतिक अनुभव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मोदी करीब 25 वर्षों से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं और लंबे समय से देश का नेतृत्व कर रहे हैं। मिलबेन ने दावा किया कि लगातार चुनावी सफलता हासिल करने वाले प्रधानमंत्री बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। हालांकि, उनके द्वारा किए गए अमेरिकी फंडिंग से जुड़े दावों के समर्थन में कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रमाण सामने नहीं रखा गया है। ऐसे में CJP और उसके नेतृत्व के कथित आर्थिक संबंधों को फिलहाल मिलबेन के आरोपों के तौर पर ही देखा जा रहा है।
वैश्विक राजनीतिक हस्तक्षेप का भी लगाया आरोप
मैरी मिलबेन ने अपने बयान में आरोप लगाया कि कुछ अमेरिकी दानदाता दुनिया के अलग-अलग देशों में रूढ़िवादी विचारधारा वाले नेताओं को निशाना बनाते हैं। उनके मुताबिक, ऐसे लोग उन देशों के ऐसे व्यक्तियों की पहचान करते हैं, जिन्होंने अमेरिका में शिक्षा प्राप्त की हो और फिर उन्हें प्रभावित कर अपने देश लौटने तथा राजनीतिक गतिविधियों के लिए आर्थिक सहायता देने की कोशिश करते हैं। मिलबेन ने दावा किया कि इस तरह की गतिविधियों का संबंधित देशों की शासन व्यवस्था, विकास और राजनीतिक माहौल पर असर पड़ सकता है। हालांकि, उन्होंने इन दावों के समर्थन में कोई विस्तृत प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया।
भारतीय युवाओं से शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील
मैरी मिलबेन ने भारतीय युवाओं से लोकतंत्र और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए संगठित होने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए और उन गतिविधियों का विरोध करना चाहिए, जिन्हें वे देश के हितों के खिलाफ मानते हैं। उन्होंने भारत में ऐसी नई आवाज के उभरने की जरूरत बताई, जो देश में जन्मी, पली-बढ़ी और शिक्षित हुई हो। अपने संदेश के अंत में उन्होंने युवाओं से एकजुट होकर शांतिपूर्ण विरोध के जरिए अपनी राय रखने की अपील की।
SIR विवाद के बीच आया बयान
मिलबेन का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। दिल्ली में विपक्षी दलों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच मैरी मिलबेन की टिप्पणी ने बहस को एक नया मुद्दा दे दिया है।
कौन हैं मैरी मिलबेन?
मैरी मिलबेन अमेरिकी सिंगर और अभिनेत्री हैं। भारत में उन्हें राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और भक्ति गीत ‘ओम जय जगदीश हरे’ की प्रस्तुतियों के लिए खास पहचान मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2023 में अमेरिका यात्रा के दौरान भी उन्होंने एक कार्यक्रम में भारत का राष्ट्रगान गाया था।
भारत से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अपनी प्रस्तुतियों के कारण मिलबेन भारतीय दर्शकों के बीच लोकप्रिय रही हैं। वह समय-समय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय भी साझा करती रही हैं। इस बार CJP को लेकर उनकी टिप्पणी और अमेरिकी फंडिंग से जुड़े आरोपों ने राजनीतिक बहस को और गरमा दिया है। इसी कड़ी में गायिका सोना महापात्रा की ओर से राहुल गांधी को दी गई नसीहत भी चर्चा में रही है।
