भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार, जहरीली शराब से हो रही मौतों और खातेगांव में थाना प्रभारी की मौत को लेकर मोहन सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में शराब माफिया के हौसले बुलंद हैं और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पटवारी ने कहा कि खातेगांव में थाना प्रभारी दिलीप पुरी अपनी टीम के साथ नेमावर रोड हाईवे पर अवैध शराब की तस्करी रोकने पहुंचे थे। इसी दौरान शराब तस्करी में इस्तेमाल हो रहे ट्रक के चालक ने कथित तौर पर उन्हें कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने इस घटना को प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार से जुड़े अपराधियों के बढ़ते हौसलों का उदाहरण बताया।
सागर और देवास में जहरीली शराब से मौतों का मामला
जीतू पटवारी ने सितंबर 2026 में सागर जिले के नौराजा, घूघरा खुर्द और आसपास के गांवों में जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि प्रशासन की निगरानी के बावजूद जहरीली शराब का कारोबार कैसे चलता रहा।
वहीं, अक्टूबर 2026 में देवास जिले के चंदाना-बिंजाना और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध जहरीली शराब से मौतों के मामलों का भी जिक्र किया। पटवारी के मुताबिक, पुलिस जांच में कथित तौर पर नकली शराब तैयार करने, रसायनों की खरीद और लाइसेंसी दुकानों से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका की पड़ताल की गई। उन्होंने आबकारी विभाग की निगरानी और जवाबदेही पर सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री मोहन यादव से पूछे पांच सवाल
जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से सवाल किया कि प्रदेश में अवैध शराब का कारोबार इतना बेखौफ कैसे चल रहा है? खातेगांव में थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत के लिए जिम्मेदार तस्करों और उनके नेटवर्क पर कठोर कार्रवाई कब होगी? सागर और देवास में जहरीली शराब से हुई मौतों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कथित तौर पर संरक्षण देने वालों की जवाबदेही कब तय होगी?
उन्होंने यह भी पूछा कि पुलिस और आबकारी विभाग की निगरानी के बावजूद अवैध शराब की आपूर्ति कैसे जारी रही और क्या सरकार प्रदेश में सक्रिय शराब माफिया के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करेगी?
कांग्रेस ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
मध्यप्रदेश कांग्रेस ने खातेगांव, सागर और देवास की घटनाओं की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। पार्टी ने अवैध शराब के पूरे नेटवर्क और उसे संरक्षण देने वालों को बेनकाब करने के साथ ही दिवंगत थाना प्रभारी दिलीप पुरी के परिवार को उचित सहायता और सम्मान देने की मांग भी उठाई है। पटवारी ने कहा कि प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि मोहन सरकार में कानून का राज चलेगा या शराब माफिया और अपराधियों का।
