MP Cabinet Meeting: भोपाल: मध्यप्रदेश में 12 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उनके नेतृत्व में हुए कार्यों और देश के विकास में योगदान का उल्लेख करते हुए संकल्प पारित किया गया। सरकार ने वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर भारत और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया को जानकारी देते हुए सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया, युवाओं के लिए रोजगार, निवेश, अधोसंरचना और धार्मिक पर्यटन सहित विभिन्न विषयों पर सरकार की उपलब्धियां और लक्ष्य बताए।
प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर संकल्प पारित
मंत्रि-परिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश की जनता की ओर से आभार और अभिनंदन व्यक्त किया। संकल्प में गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक उनकी सार्वजनिक सेवा की यात्रा का उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बुनियादी ढांचे, डिजिटल तकनीक, विनिर्माण, गरीब कल्याण और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में मध्यप्रदेश की भूमिका को मजबूत करने का संकल्प लिया।
सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए 14 अक्टूबर से DPC
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति से संबंधित विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक 14 अक्टूबर से शुरू होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में दो वर्षों की DPC आयोजित करने की बात भी कही गई है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में विभागवार पदोन्नति, पदों की संख्या और पात्र कर्मचारियों की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। कर्मचारियों को इससे संबंधित विभागीय आदेशों का इंतजार करना होगा।
दो लाख से अधिक सरकारी नौकरियों का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में दो लाख से अधिक सरकारी नौकरियों के सृजन के लक्ष्य का उल्लेख किया। सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने पर जोर दे रही है। इसके अलावा युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुसार कौशल प्रशिक्षण देने, तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर तैयार करने की योजनाएं भी संकल्प में शामिल हैं। सरकार ने अगले वर्ष नए मेडिकल कॉलेज और स्किल यूनिवर्सिटी शुरू करने की दिशा में काम करने का लक्ष्य भी बताया।
अग्निवीरों के लिए वर्दीधारी सेवाओं में 20 प्रतिशत आरक्षण
मध्यप्रदेश सरकार पूर्व अग्निवीरों को राज्य की पांच वर्दीधारी सेवाओं में भर्ती के लिए 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय पहले ही ले चुकी है। यह व्यवस्था पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वन रक्षक और आबकारी आरक्षक जैसे पदों पर लागू करने के लिए घोषित की गई है। यह 29 सितंबर 2026 की कैबिनेट बैठक का फैसला है, न कि 12 अक्टूबर की विशेष बैठक में लिया गया नया निर्णय। इसका उद्देश्य सैन्य सेवा पूरी करने के बाद युवाओं को राज्य की सरकारी सेवाओं में अवसर उपलब्ध कराना है।
निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा
मंत्रि-परिषद के संकल्प में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के दौरान प्राप्त 30.77 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों का उल्लेख किया गया। सरकार के अनुसार, इनमें से लगभग 10 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को तेजी से क्रियान्वित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। प्रदेश में निवेश आकर्षित करने, औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को आसान बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करने के लिए नई औद्योगिक नीतियों को भी महत्वपूर्ण बताया गया।
भोपाल-इंदौर मेट्रो और सड़क परियोजनाओं पर जोर
मध्यप्रदेश में अधोसंरचना विकास के तहत भोपाल और इंदौर की मेट्रो परियोजनाओं, हवाई कनेक्टिविटी, सड़क निर्माण और सार्वजनिक परिवहन के विस्तार का उल्लेख किया गया। संकल्प में दोनों शहरों की मेट्रो परियोजनाओं की लागत लगभग 23 हजार करोड़ रुपये बताई गई। इसके साथ ही पीएम ई-बस सेवा और प्रदेश में परिवहन सुविधाओं के विस्तार को आर्थिक गतिविधियों तथा क्षेत्रीय संपर्क के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य
संकल्प में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना का विशेष उल्लेख किया गया। इन परियोजनाओं के माध्यम से सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, पेयजल उपलब्धता और कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने केंद्र और पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय को विकास परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण बताया। इसके अलावा तापी-बेसिन परियोजना का भी उल्लेख किया गया।
महिला सशक्तिकरण और धार्मिक पर्यटन पर फोकस
सरकार ने स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी पहलों का उल्लेख किया। धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में श्रीमहाकाल महालोक, उज्जैन के विकास और वर्ष 2028 में प्रस्तावित सिंहस्थ की तैयारियों को महत्वपूर्ण बताया गया। सरकार का लक्ष्य सिंहस्थ से जुड़े निर्धारित निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करना है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
