PM Modi Mann Ki Baat: नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 139वें एपिसोड के जरिए देश-विदेश के लोगों से अपने विचार साझा किए। इस दौरान उन्होंने स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने, प्राकृतिक खेती, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता अभियान जैसे मुद्दों पर बात की। पीएम मोदी ने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना भारतीय उत्पादों को दुनिया भर के बाजारों तक पहुंचा रही है। उन्होंने ‘मन की बात’ के सफर को अपने लिए तीर्थयात्रा जैसा बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 12 साल पहले विजयादशमी के अवसर पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी। तब से यह सफर लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम देश के आम लोगों की मेहनत, साहस, संकल्प, समर्पण और सेवा-भाव को सम्मान देने का अवसर है। उनके लिए ‘मन की बात’ किसी तीर्थयात्रा से कम नहीं है, जिसके जरिए वह देशवासियों के प्रयासों को करीब से समझ पाते हैं।
स्वदेशी उत्पादों को दुनिया भर में मिल रहे नए बाजार
पीएम मोदी ने त्योहारों के मौसम में स्वदेशी उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोग खरीदारी के दौरान अब स्वदेशी उत्पादों को महत्व दे रहे हैं। ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में मदद कर रही है। उन्होंने बिहार के मखाना, कर्नाटक की अरहर दाल और खादी की बढ़ती लोकप्रियता का भी उल्लेख किया।
आदिवासी उत्पादों की पैकेजिंग को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान
प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के आदिवासी समुदायों के उत्पादों का जिक्र करते हुए बताया कि ‘शबरी नेचुरल्स’ के माध्यम से शहद, महुआ, चीड़ और बांस से बने उत्पाद बाजार में लाए जा रहे हैं। इनकी पैकेजिंग पर आदिवासी कला की छाप दिखाई देती है। पीएम मोदी के अनुसार, इस पैकेजिंग को जापान का प्रतिष्ठित ‘गुड डिजाइन अवॉर्ड’ मिला है।
प्राकृतिक खेती से कपास उत्पादन को बढ़ावा
पीएम मोदी ने पंजाब के मालवा क्षेत्र में प्राकृतिक कपास की खेती को बढ़ावा देने की पहल का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ‘खेती विरासत मिशन’ नाम की संस्था ऑर्गेनिक और पारंपरिक कृषि पद्धतियों को नया जीवन देने का प्रयास कर रही है। इस पहल को ‘नव-त्रिन्जन’ नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत बिना केमिकल का इस्तेमाल किए ऑर्गेनिक कपास उगाई जाती है। प्राकृतिक रंगों वाली कपास से तैयार धागे और कपड़ों को रंगने के लिए अलग से केमिकल की जरूरत नहीं पड़ती। इससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलती है।
हेवल नदी को फिर से जीवित करने के प्रयासों की सराहना
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल क्षेत्र में हेवल नदी को बचाने के लिए किए गए सामूहिक प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि नदी का जलस्तर घटने और आसपास के प्राकृतिक जल स्रोत सूखने के बाद स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों ने मिलकर अभियान शुरू किया। इस पहल के तहत बारिश के पानी को संचित करने, भूजल स्तर बढ़ाने और बड़े पैमाने पर पेड़ लगाने जैसे उपाय किए गए। पीएम मोदी ने कहा कि इन प्रयासों से हेवल नदी के जलस्तर में सुधार हुआ और कई प्राकृतिक जल स्रोत भी बहाल हुए।
दीवाली और छठ से पहले स्वच्छता अभियान चलाने की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने दीवाली और छठ के अवसर पर लोगों से अपने आसपास साफ-सफाई रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि त्योहारों से पहले जगह-जगह स्वच्छता अभियान चलाए जा रहे हैं। छोटी-छोटी कोशिशें भी आसपास बड़े बदलाव ला सकती हैं। पीएम मोदी ने लोगों से स्थानीय कारीगरों के बनाए उत्पाद खरीदने और स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देने का आग्रह किया, ताकि ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को और मजबूत किया जा सके।
