भोपाल: दिवाली से पहले मध्यप्रदेश में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। प्रदेश के एक लाख से ज्यादा सफाईकर्मी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। बुधवार को भोपाल समेत कई शहरों में सफाई का काम प्रभावित रहा। गुरुवार को भी डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की गाड़ियां नहीं पहुंचेंगी। ऐसे में घरों से कचरा नहीं उठने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ सकती है।
हड़ताल का असर विदिशा जिले के सिरोंज में भी देखने को मिला, जहां सड़कों पर कचरा फैल गया। लोगों की परेशानी को देखते हुए विधायक उमाकांत शर्मा बुधवार रात खुद सड़क पर उतरे और करीब दो घंटे तक झाड़ू लगाकर सफाई की।
भोपाल में 10 हजार से ज्यादा सफाईकर्मी हड़ताल पर
राजधानी भोपाल में 10 हजार से ज्यादा सफाईकर्मी हड़ताल में शामिल हैं। इसका असर गुरुवार सुबह से ही दिखाई देने लगा है। शहर में कचरा कलेक्शन के लिए संचालित 400 से ज्यादा गाड़ियां गार्बेज स्टेशनों पर खड़ी हैं। बुधवार को न्यू मार्केट समेत कई बाजारों में व्यापारियों ने वॉलिंटियर्स की मदद से सफाई कराई। गुरुवार को भी इसी तरह सफाई की जाएगी। व्यापारियों ने सफाईकर्मियों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से उन्हें पूरा करने की अपील की है।
ACS संजय दुबे से बातचीत बेनतीजा, हड़ताल जारी
हड़ताल खत्म कराने के लिए यूनियन पदाधिकारियों ने नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) संजय दुबे से मुलाकात की। हालांकि, बातचीत में कोई समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है।
भोपाल से रोज निकलता है 850 टन कचरा
भोपाल में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए 400 से ज्यादा गाड़ियां संचालित होती हैं। प्रत्येक गाड़ी रोजाना दो से तीन चक्कर लगाती है। शहर के 17 गार्बेज स्टेशनों पर कचरा एकत्र किया जाता है। इसके बाद कैप्सूल टैंकरों के जरिए इसे आदमपुर छावनी भेजा जाता है। राजधानी से प्रतिदिन करीब 850 टन कचरा निकलता है। हड़ताल के कारण घरों से कचरा उठाने और उसे निस्तारण केंद्र तक पहुंचाने का काम प्रभावित हो गया है।
चार मांगें पूरी होने तक काम पर नहीं लौटेंगे कर्मचारी
अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन (7262) के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने बताया कि संगठन के सभी पदाधिकारियों ने मिलकर हड़ताल का निर्णय लिया है। यूनियन का दावा है कि प्रदेश के 16 नगरीय निकायों और 374 नगर परिषदों के एक लाख से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं।
हड़ताल के कारण घरों से कचरा उठाने के साथ ही सड़कों की सफाई का काम भी बंद है। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी चारों मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक कर्मचारी काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
