झाबुआ: मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले में पुलिस ने अवैध गांजा खेती के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 15,609 गांजे के पौधे जब्त किए हैं। ग्राम कलमोड़ा के दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्र में कपास की फसल के बीच गांजे की खेती की जा रही थी। पुलिस ने तीन अलग-अलग प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए कुल 99 क्विंटल 16 किलो 427 ग्राम गांजे के पौधे बरामद किए हैं। जब्त पौधों की अनुमानित कीमत 9 करोड़ 42 लाख रुपये बताई गई है। तीनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।

पुलिस को ग्राम कलमोड़ा के पहाड़ी, तलहटी और दुर्गम क्षेत्रों में कपास की फसल के बीच अवैध गांजा उगाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर थाना कोतवाली और चौकी पारा पुलिस की टीम ने क्षेत्र में दबिश दी। जांच के दौरान तीन अलग-अलग स्थानों पर अवैध रूप से उगाए गए गांजे के पौधे मिले, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया।

तीन अलग-अलग प्रकरणों में कार्रवाई

झाबुआ पुलिस ने अवैध गांजा खेती के मामले में तीन अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, कुल 15,609 पौधे जब्त किए गए हैं, जिनका कुल वजन 99 क्विंटल 16 किलो 427 ग्राम है। जब्त गांजे के पौधों की अनुमानित कीमत 9 करोड़ 42 लाख रुपये आंकी गई है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चला अभियान

यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक इंदौर जोन ग्रामीण अनुराग, पुलिस उपमहानिरीक्षक इंदौर रेंज ग्रामीण मनोज कुमार सिंह के निर्देशन और झाबुआ पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के नेतृत्व में की गई। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में मादक पदार्थों की अवैध खेती, तस्करी और कारोबार के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है।

31 दिसंबर 2029 तक नशामुक्त मध्यप्रदेश का लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में मध्यप्रदेश को 31 दिसंबर 2029 तक नशामुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल सिंडिकेट को ध्वस्त करने, नशीले पदार्थों की अवैध खेती और तस्करी पर रोक लगाने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, नशामुक्त मध्यप्रदेश के संकल्प को साकार करने के लिए मादक पदार्थों की अवैध खेती और तस्करी के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।