भोपाल: मध्यप्रदेश में अघोषित बिजली कटौती और कम वोल्टेज की समस्या को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से किसान और आम लोग परेशान हैं। मंदसौर, राजगढ़, सीहोर, बड़वानी समेत कई जिलों में विरोध प्रदर्शन की स्थिति सामने आई है। वहीं, बिजली संकट का मुद्दा अब सरकार और जनप्रतिनिधियों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। जानकारी के अनुसार, कैबिनेट बैठक में कई मंत्रियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने अपने क्षेत्रों की समस्या रखकर बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की।

अघोषित बिजली कटौती की समस्या से मंदसौर, राजगढ़, सीहोर, बड़वानी, धार, झाबुआ, खंडवा, आगर मालवा, नर्मदापुरम और बुरहानपुर सहित कई जिले प्रभावित बताए जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में बिजली की बार-बार आवाजाही और कम वोल्टेज के कारण घरेलू कामकाज से लेकर खेती-किसानी तक प्रभावित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। बिजली आपूर्ति में अनियमितता के चलते लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

सिंचाई के लिए बिजली नहीं मिलने से किसानों की चिंता बढ़ी

खेती के मौजूदा दौर में किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए नियमित बिजली की जरूरत है। लेकिन अघोषित कटौती और कम वोल्टेज के कारण नलकूप और सिंचाई पंप ठीक से नहीं चल पा रहे हैं। इससे किसानों को समय पर खेतों में पानी पहुंचाने में परेशानी हो रही है। फसलों पर असर पड़ने की आशंका के बीच कई स्थानों पर किसानों ने विरोध प्रदर्शन कर बिजली आपूर्ति नियमित करने की मांग उठाई है।

सड़कों पर उतरे लोग, कई जगह विरोध प्रदर्शन

बिजली संकट को लेकर विभिन्न जिलों में किसानों और आम नागरिकों का आक्रोश सामने आया है। लोगों की मांग है कि बिजली कटौती का समय निर्धारित किया जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त वोल्टेज के साथ निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। लगातार शिकायतों के बीच यह मुद्दा स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है।

कैबिनेट बैठक में मंत्रियों ने मुख्यमंत्री के सामने रखी बात

बिजली संकट का असर जनप्रतिनिधियों पर भी दिखाई दे रहा है। अपने-अपने क्षेत्रों में बिजली कटौती को लेकर मिल रही शिकायतों के बीच कई मंत्रियों और विधायकों ने मुख्यमंत्री के सामने समस्या उठाई है। कैबिनेट बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। जनप्रतिनिधियों ने बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार की जरूरत बताई, ताकि किसानों और आम लोगों को राहत मिल सके।

मुख्यमंत्री से व्यवस्था सुधारने का भरोसा मिलने की जानकारी

जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बिजली संकट को लेकर मंत्रियों द्वारा उठाई गई चिंताओं पर व्यवस्था में सुधार का भरोसा दिलाया है। हालांकि, बिजली कटौती से प्रभावित सभी जिलों में आपूर्ति कब तक सामान्य होगी और इसके लिए क्या कदम उठाए जाएंगे, इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

बिजली संकट बना सरकार के लिए चुनौती

अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा अब केवल ग्रामीण क्षेत्रों की समस्या नहीं रह गया है। किसानों की सिंचाई, आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों और जनप्रतिनिधियों पर बढ़ते दबाव के कारण यह सरकार के लिए चुनौती बनता जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि बिजली विभाग और प्रशासन आपूर्ति सुधारने के लिए क्या कदम उठाते हैं और प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को कब तक राहत मिलती है।