गंज बासौदा: नगर के प्रतिष्ठित हिंदी माध्यम के विद्यालय सुभाष निकेतन हायर सेकेंडरी स्कूल और अंग्रेजी माध्यम के माय स्कूल में नवरात्रि उत्सव के अंतर्गत वैदिक यज्ञ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सुबह आयोजित यज्ञ में विद्यार्थियों ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हुए आहुतियां दीं। मंत्रोच्चार से विद्यालय परिसर गुंजायमान हो उठा।

समिति सदस्य शांतनु देव सपरिवार बने मुख्य यजमान

वैदिक यज्ञ में समिति के सदस्य शांतनु देव सपरिवार मुख्य यजमान के रूप में शामिल हुए। वहीं, माय स्कूल के शिक्षक अनिल अहिरवार, शिक्षिका मंजुलता, कु. शालिनी रघुवंशी और विद्यार्थियों ने भी यजमान के रूप में भागीदारी की। सुबह सभी विद्यार्थी विद्यालय के मैदान में एकत्रित हुए, जहां बनाई गई वेदिका पर वैदिक विधि-विधान से यज्ञ संपन्न कराया गया।

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विद्यार्थियों ने दीं आहुतियां

यज्ञ के दौरान विद्यार्थियों ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हुए आहुतियां अर्पित कीं। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और पालकों ने भी रुचि दिखाई। विद्यालय के सभी स्टाफ सदस्य इस अवसर पर उपस्थित रहे।

संस्कार और संस्कृति की शिक्षा पर दिया जोर

कार्यक्रम में समिति के सदस्य शांतनु देव ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों को संस्कार और संस्कृति की शिक्षा देने के क्षेत्र में सुभाष निकेतन हायर सेकेंडरी स्कूल और माय स्कूल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय में विभिन्न अवसरों पर सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिससे विद्यार्थी भारतीय संस्कृति से परिचित होते हैं। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आयोजित यज्ञ भी इसी परंपरा की एक कड़ी है, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रबंधक और प्राचार्य ने विद्यार्थियों के उत्साह को सराहा

विद्यालय के प्रबंधक अखिलेश श्रीवास्तव और प्राचार्य प्रीति श्रीवास्तव ने भी कार्यक्रम पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि विद्यालय में विभिन्न अवसरों पर सांस्कृतिक और संस्कार आधारित गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। नवरात्रि उत्सव के अंतर्गत आयोजित वैदिक यज्ञ में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर भारतीय परंपराओं के प्रति अपनी रुचि प्रदर्शित की।