अमेठी। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। सपा के तीन बागी विधायकों राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। अमेठी में आयोजित ज्वॉइनिंग कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की मौजूदगी में तीनों नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

तीनों विधायक 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। हालांकि, 2024 के राज्यसभा चुनाव में तीनों पर भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग करने का आरोप लगा था। इसके बाद से ही इन नेताओं के सपा से रिश्ते तनावपूर्ण चल रहे थे।

राज्यसभा चुनाव में की थी क्रॉस वोटिंग

राकेश प्रताप सिंह अमेठी की गौरीगंज विधानसभा सीट से विधायक हैं। अभय सिंह अयोध्या की गोसाईंगंज सीट और विनोद चतुर्वेदी जालौन की कालपी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। तीनों नेताओं ने 2022 में सपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीता था। 2024 के राज्यसभा चुनाव के दौरान इन विधायकों ने पार्टी लाइन से अलग जाकर भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया था। इसके बाद से तीनों सपा के बागी विधायकों के तौर पर चर्चा में रहे।

अमेठी में हुआ बीजेपी का बड़ा ज्वॉइनिंग कार्यक्रम

बीजेपी ने तीनों विधायकों को पार्टी में शामिल कराने के लिए अमेठी में कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में स्मृति ईरानी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत पार्टी के कई नेता मौजूद रहे। विधानसभा चुनाव से पहले तीन विधायकों के भाजपा में शामिल होने को पार्टी के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।

राकेश प्रताप सिंह ने 2012 में शुरू किया था सपा के साथ सफर

गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह वर्ष 2012 से समाजवादी पार्टी के साथ जुड़े रहे। उन्होंने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर जीत दर्ज की और लगातार तीसरी बार विधायक बने। फरवरी 2024 के राज्यसभा चुनाव में उन्होंने सपा से बगावत करते हुए भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया था। इसके बाद जून 2025 में समाजवादी पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। राकेश प्रताप सिंह कई मौकों पर सपा की नीतियों पर सवाल उठाते हुए तुष्टिकरण और सनातन के अपमान जैसे मुद्दे उठाते रहे हैं।

अभय सिंह के बीजेपी में जाने से अयोध्या की सियासत में हलचल

अयोध्या की गोसाईंगंज विधानसभा सीट से विधायक अभय सिंह भी समाजवादी पार्टी के चर्चित नेताओं में रहे हैं। पार्टी नेतृत्व से मतभेद और राजनीतिक बयानों को लेकर वे पहले भी सुर्खियों में रहे हैं। 2024 के राज्यसभा चुनाव के बाद से उनका रुख सपा से अलग दिखाई दे रहा था। अब भाजपा में शामिल होने के बाद अयोध्या क्षेत्र की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है।

विनोद चतुर्वेदी ने भी थामा बीजेपी का दामन

जालौन जिले की कालपी विधानसभा सीट से विधायक विनोद चतुर्वेदी ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें पिछले कुछ समय से राजनीतिक गलियारों में चल रही थीं। अमेठी में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और स्मृति ईरानी की मौजूदगी में विनोद चतुर्वेदी ने पार्टी की सदस्यता ली।

विधानसभा चुनाव से पहले सियासी समीकरण बदलने के संकेत

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सपा के तीन मौजूदा विधायकों का भाजपा में शामिल होना विपक्षी खेमे के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं भाजपा इसे चुनाव से पहले संगठन और राजनीतिक ताकत बढ़ाने के कदम के तौर पर देख रही है। तीनों विधायकों के भाजपा में जाने के बाद अमेठी, अयोध्या और जालौन की विधानसभा सीटों पर राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की संभावना है।