नई दिल्ली: राज्यसभा चुनाव 2026 के तहत उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में निर्विरोध निर्वाचन के बाद बीजेपी और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। उत्तर प्रदेश की 10 सीटों में से बीजेपी के 8 और सपा के 2 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। वहीं, उत्तराखंड से बीजेपी के दिनेश आर्य भी राज्यसभा पहुंचने में सफल रहे हैं। दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल की एक सीट पर उपचुनाव होना बाकी है, जहां बीजेपी ने रुक्मिणी मलिक (कोयल मलिक) को उम्मीदवार बनाया है।

उत्तर प्रदेश की सभी 10 राज्यसभा सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। बीजेपी के गोपीकृष्ण पांडे, धर्मपाल सिंह, प्रियंका सिंह रावत, राधाकांत ओझा, राम प्रकाश पाल, राम प्रताप सिंह चौहान, विद्या सागर सोनकर और श्रुति गंगवार ने जीत दर्ज की है। वहीं, समाजवादी पार्टी के धनराज परिमल नथवानी और रामगोपाल यादव भी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। इस तरह यूपी की 10 सीटों में बीजेपी को 8 और सपा को 2 सीटें मिली हैं।

उत्तराखंड से बीजेपी के दिनेश आर्य निर्विरोध चुने गए

उत्तराखंड की राज्यसभा सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार दिनेश आर्य निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की इन सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन के बाद बीजेपी ने राज्यसभा में अपनी संख्या बढ़ाने की दिशा में अहम सफलता हासिल की है। इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है।

पश्चिम बंगाल में रुक्मिणी मलिक की उम्मीदवारी, उपचुनाव 16 अक्टूबर को

पश्चिम बंगाल की राज्यसभा सीट पूर्व तृणमूल कांग्रेस सांसद रुक्मिणी मलिक के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। बीजेपी ने उन्हें ही अपना उम्मीदवार बनाया है। रुक्मिणी मलिक कोयल मलिक के नाम से भी जानी जाती हैं। इस सीट पर उपचुनाव 16 अक्टूबर को निर्धारित है। 9 अक्टूबर तक उनके निर्विरोध निर्वाचन की पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इस सीट का अंतिम परिणाम आना बाकी है।

राम प्रताप सिंह चौहान ने नेतृत्व का जताया आभार

राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए बीजेपी नेता राम प्रताप सिंह चौहान ने इसे बड़ी जिम्मेदारी बताया। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, उसे पूरी निष्ठा और मेहनत से निभाने की कोशिश करेंगे।

स्मृति ईरानी ने चुनावी नतीजों पर दी प्रतिक्रिया

बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र ने भीड़तंत्र को जवाब दिया है। राज्यसभा चुनाव के इन नतीजों के बीच उत्तर प्रदेश में बीजेपी और सपा के बीच सीटों का बंटवारा स्पष्ट हो गया है, जबकि पश्चिम बंगाल की सीट पर होने वाले उपचुनाव के परिणाम का इंतजार है।