नई दिल्ली: देश के चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में हुए उपचुनावों के नतीजों ने राजनीतिक दलों के सामने नई चुनौतियां और संभावनाएं पेश की हैं। पश्चिम बंगाल की रेजीनगर और नंदीग्राम सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की, जबकि असम की नागांव लोकसभा सीट भी उसके खाते में गई। पुडुचेरी में NDA की सहयोगी ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (AINRC) ने जीत हासिल की। वहीं, तमिलनाडु की धारापुरम और मदुरांतकम विधानसभा सीटों पर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक ताकत दिखाई।

बंगाल में बीजेपी की बड़ी जीत, रेजीनगर में पहली बार कमल खिला

पश्चिम बंगाल की रेजीनगर सीट पर बीजेपी के शंखराव सरकार ने 1,29,914 वोट हासिल कर आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के उम्मीदवार गोलाम नबी आजाद उर्फ रॉबिन को 75,816 वोटों से हराया। कांग्रेस के अब्दुल्लाहिल काफ़ी को 6,168 वोट मिले, जबकि तृणमूल कांग्रेस के रबीउल आलम चौधरी को 3,847 वोटों से संतोष करना पड़ा। रेजीनगर में बीजेपी की यह पहली जीत बताई जा रही है।

रेजीनगर में बीजेपी की जीत के पीछे क्या रही रणनीति?

रेजीनगर में मुस्लिम मतदाताओं की बड़ी आबादी है। चुनाव प्रचार के दौरान पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अल्पसंख्यक समुदाय से विकास के मुद्दे पर बीजेपी का समर्थन करने की अपील की थी। नतीजों के बाद उन्होंने दावा किया कि अल्पसंख्यक मतदाताओं ने भी पार्टी का साथ दिया। अधिकारी के मुताबिक, रेजीनगर में करीब 60 प्रतिशत और नंदीग्राम में लगभग 80 प्रतिशत मुस्लिम वोट बीजेपी को मिले। हालांकि, ये आंकड़े उनके दावे हैं।

प्रबाल लाहा ने बताया जीत का कारण, बीजेपी के वोट लगभग दोगुने

रेजीनगर उपचुनाव में बीजेपी ने प्रबाल लाहा को चुनाव प्रभारी बनाया था। जीत के बाद उन्होंने कहा कि पार्टी मुस्लिम मतदाताओं तक अपना संदेश पहुंचाने में सफल रही। उनके अनुसार, मतदाताओं ने बीजेपी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे और विकास से जुड़े वादों पर भरोसा जताया। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 2026 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार बापन घोष को 64,660 वोट मिले थे, जबकि उपचुनाव में शंखराव सरकार को 1,29,914 वोट मिले। इस तरह पार्टी के वोट लगभग दोगुने हो गए।

नंदीग्राम में भी बीजेपी की जीत, कांग्रेस को नहीं मिला समर्थन का फायदा

नंदीग्राम सीट पर बीजेपी की हासिरानी रथ ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को बड़े अंतर से हराया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, हासिरानी रथ ने 1,22,753 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 41,674 वोट मिले। बताया गया कि ममता बनर्जी ने इस चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन दिया था, लेकिन इसका फायदा कांग्रेस को नहीं मिल सका। बीजेपी नेताओं ने यहां भी अल्पसंख्यक मतदाताओं का समर्थन मिलने का दावा किया।

असम की नागांव लोकसभा सीट पर बीजेपी की जीत

असम की नागांव लोकसभा सीट पर बीजेपी के देवाशीष शर्मा ने जीत दर्ज की। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, उन्हें 47,402 वोट मिले, जबकि ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के बदरुद्दीन अजमल को 21,107 और कांग्रेस की सिबामोनी बोरा को 6,544 वोट मिले। इस सीट पर उपचुनाव कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद हुआ था। बोरदोलोई कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे और विधानसभा चुनाव लड़े थे, जिसके बाद लोकसभा सीट खाली हुई थी।

कांग्रेस की हार पर अखिल गोगोई ने उठाए सवाल

नागांव में बीजेपी की जीत के बाद कांग्रेस ने वोट चोरी के आरोप लगाए। असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि चुनाव हारने के बाद कांग्रेस अक्सर ऐसे आरोप लगाती है। वहीं, रायजोर दल के संस्थापक अखिल गोगोई ने कांग्रेस को आत्ममंथन करने की सलाह दी और असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनसे इस्तीफे की मांग की। दूसरी ओर, AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने कांग्रेस को बीजेपी की ‘बी टीम’ बताया और अपनी पार्टी की हार के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया।

पुडुचेरी में AINRC की जीत, NDA को मिली मजबूती

पुडुचेरी की थट्टानचावडी विधानसभा सीट पर NDA की सहयोगी ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (AINRC) के उम्मीदवार अशोक आनंद ने जीत हासिल की। यह सीट मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के दो विधानसभा सीटों से चुनाव जीतने के बाद खाली हुई थी। उन्होंने थट्टानचावडी के बजाय मंगलम सीट अपने पास रखी, जिसके कारण यहां उपचुनाव कराना पड़ा। अशोक आनंद की जीत से पुडुचेरी में NDA की स्थिति और मजबूत हुई।

तमिलनाडु में विजय की TVK का जलवा, दोनों सीटों पर जीत

तमिलनाडु की धारापुरम और मदुरांतकम विधानसभा सीटों पर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी TVK ने जीत दर्ज की। धारापुरम में पार्टी की उम्मीदवार पी. सत्यभामा ने DMK की सुगन्या एस. को 9,471 वोटों से हराया। वहीं, मदुरांतकम में के. मरागतम कुमारवेल ने DMK उम्मीदवार आई. परंतामेन को 20,040 वोटों से शिकस्त दी। दोनों सीटें पहले AIADMK के विधायकों के पास थीं, जो इस्तीफा देकर TVK में शामिल हो गए थे।

TVK की जीत पर स्टालिन ने साधा निशाना

उपचुनाव में TVK की जीत के बाद तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने इस जीत को ‘विश्वासघात से मिली अंतरिम जीत’ बताते हुए कहा कि ‘फर्जी छवि की राजनीति का पतन’ शुरू हो गया है। इन नतीजों को तमिलनाडु की राजनीति में TVK के बढ़ते प्रभाव के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

PM मोदी ने मतदाताओं का जताया आभार

उपचुनावों में बीजेपी और NDA के प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतदाताओं का आभार जताया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि जनता का लगातार मिल रहा समर्थन बीजेपी-NDA के सुशासन के एजेंडे के प्रति लोगों के जुड़ाव को दर्शाता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष पर झूठ और दुष्प्रचार फैलाने का आरोप लगाया। वहीं, बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी के उस बयान को लेकर उन पर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह भारतीय राज्य से लड़ रहे हैं।

उपचुनाव के नतीजों ने बढ़ाई राजनीतिक सरगर्मी

इन उपचुनावों के नतीजों ने अलग-अलग राज्यों में राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पश्चिम बंगाल और असम में बीजेपी की जीत, पुडुचेरी में NDA की सहयोगी पार्टी की सफलता और तमिलनाडु में TVK के प्रदर्शन ने राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीति में अलग-अलग संदेश दिए हैं। आने वाले समय में राजनीतिक दल इन नतीजों के आधार पर अपनी रणनीतियों की समीक्षा कर सकते हैं।